देश में भले ही तीन तलाक का मुद्दा अभी हाल में चर्चा में आया है, लेकिन कई देशों में तीन तलाक को पहले ही खत्म किया जा चुका है। अगर, तीन तलाक को खत्म करने के लिए कोई फैसला आता है तो वह मुसलिम महिलाओं के लिए काफी हितकारी होगा।
रविवार को अधिवक्ता परिषद उत्तर प्रदेश की ओर से मदिया कटरा स्थित होटल वैभव पैलेस में आयोजित महिला सम्मेलन में यह बात सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सुमन चौहान ने कही। सम्मेलन का विषय ‘राष्ट्र निर्माण में महिला अधिवक्ताओं की न्यायिक क्षेत्र में भूमिका’ रखा गया। इसमें तीन मुद्दे तीन तलाक, घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न रखे गए।
उच्च न्यायालय इलाहाबाद के लखनऊ पीठ के अधिवक्ता शशि प्रकाश ने कहा कि पीड़ित महिलाएं पुरुष अधिवक्ताओं को अपनी सभी बात नहीं बता पाती हैं। अगर, महिला अधिवक्ता उनकी सुनवाई करेंगी तो सारी बातें सामने आ सकेंगी। आगरा बार एसोसिएशन की अध्यक्ष सुधा शर्मा ने महिलाओं की हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
सुनीता कुलश्रेष्ठ ने कहा कि तीन तलाक के नाम पर महिलाओं का शोषण होता आ रहा है। सम्मेलन में आगरा सहित मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, बरेली, इटावा आदि जिलों की महिलाओं अधिवक्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में संयोजक ज्योति प्रभा जैन, मधु शर्मा, सोनम खंडेलवाल, ममता चतुर्वेदी, नीलिमा चौहान, अर्चना शर्मा, गीतांजलि चौहान, दीपिका शर्मा, सुभाष गिरी, राजेश कुलश्रेष्ठ, धर्मेंद्र वर्मा, चरन सिंह त्यागी, शिवम द्विवेदी, उत्तम चंदेल, धर्मेंद्र कुमार वर्मा मौजूद रहे।