चंदा लेकर जैसे-तैसे 1.50 करोड़ रुपये के बजट में 10 दिवसीय ताज महोत्सव हो रहा हो, लेकिन 25वें ताज महोत्सव में इंटरनेशनल स्टार बुलाने का दम आयोजन समिति भर रही हैं।
हालांकि यही समिति भारतीय संगीतकार एआर रहमान के शो में 10 करोड़ रुपये का खर्च सुनकर इंकार कर चुकी है, लेकिन विदेशी कलाकारों को बुलाने के सपने फिर भी देखे जा रहे हैं। गुरुवार को सर्किट हाउस में ताज महोत्सव आयोजन समिति की पहली बैठक में तीन नए स्थानों सेंट जोंस कालेज, यमुनापार गांधी स्मारक और 11 सीढ़ी रिवर फ्रंट गार्डन को भी सांस्कृतिक कार्यक्रम कराने के लिए तय किया गया।
ताज महोत्सव समिति की पहली बैठक में अगले साल 18 से 27 फरवरी तक प्रस्तावित ताज महोत्सव की रजत जयंती को भव्य रूप देने पर जोर दिया गया। इस बार प्रवेश शुल्क 50 रुपये ही रहेगा, लेकिन शिल्पी और कामर्शियल स्टॉलों की फीस में 10 हजार रुपये तक का इजाफा किया जाएगा। 5 से 12 साल तक के बच्चों पर 10 रुपये टिकट लगाने का सुझाव आया, लेकिन इस पर फैसला नहीं हुआ। कमिश्नर प्रदीप भटनागर ने कहा कि महोत्सव में मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया जाएगा। यादगार बनाने के लिए विदेशी कलाकारों को बुलाने पर विचार है ताकि महोत्सव इंटरनेशनल लेवल तक पहुंच सके।
शहीद स्मारक नहीं, तीन नए स्थान तय
शिल्पग्राम में होने वाले ताज महोत्सव के साथ सदर बाजार, सूरसदन में प्रोग्राम होते हैं। बीते साल आगरा कालेज, पालीवाल पार्क, शहीद स्मारक को भी जोड़ा गया था। इस बार शहीद स्मारक की जगह यमुना पार गांधी स्मारक, 11 सीढ़ी रिवर फ्रंट गार्डन और एमजी रोड पर सेंट जोंस कालेज को जोड़ा गया है। आगरा कालेज और पालीवाल पार्क यथावत रहेंगे। शिल्पग्राम में ताज महोत्सव के अब तक के सफर पर फोटो प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। आगरा किला की जगह इस साल फतेहपुर सीकरी में अनूप तालाब या पंचमहल परिसर में सांस्कृतिक संध्या होगी।
थीम बताने पर 10 हजार का पुरस्कार
कमिश्नर ने ताज महोत्सव 2016 की थीम के लिए क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए कि शहरवासियाें से सुझाव मांगे जाएं। इसके लिए 15 दिसंबर को शाम 5 बजे तक सुझाव दिए जा सकेंगे। विजेता को 10 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा। यही नहीं, महोत्सव में किस तरह के कार्यक्रम हों, इस पर भी सुझाव मांगे जाएंगे। बैठक में डीएम पंकज कुमार, एडीए वीसी मनीषा त्रिघाटिया, एसएसपी प्रीतिंदर सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी दिनेश कुमार के साथ पर्यटन उद्योग से राजीव नारायण, राजीव तिवारी, संदीप अरोड़ा, रमेश वाधवा आदि मौजूद रहे।
खाली सीटों की चिंता, फिर भी बढ़ाए स्थल
समिति की बैठक में कमिश्नर प्रदीप भटनागर ने इस बात पर चिंता जताई कि शास्त्रीय गीत, संगीत के बड़े कलाकारों की प्रस्तुति में दो-तीन दर्जन दर्शक भी नहीं पहुंचते। इस चिंता के बाद भी ताज महोत्सव के कार्यक्रम शहर में कई जगह और करने पर सहमति बना ली गई। एक तरफ ताज महोत्सव का प्रवेश शुल्क महंगा कर दिया गया, वहीं लोकल लोगों को उनके घर के पास ही सांस्कृतिक कार्यक्रम कराए जाने लगे। इससे शिल्पग्राम तक पहुंचने वाले स्थानीय लोगों की संख्या में कमी आई। लगातार तीसरे साल महोत्सव में आधे से भी कम दर्शक पहुंचे। इसका असर ताज महोत्सव में स्टॉल लगाने वाले शिल्पियों पर पड़ता है। शहर में चार-पांच जगह कार्यक्रम होने से दर्शकों की भीड़ शिल्पग्राम से किनारा कर रही है, वहीं प्रवेश टिकट महंगा होने का भी असर पड़ रहा है। समिति ने भीड़ न आने के कारणों पर चर्चा नहीं की।