आगरा। इसबगोल का पौधा एक लंबी घास की तरह होता है। इसका वैज्ञानिक नाम प्लांटैगो ओवाटा है। आयुर्वेद और घरेलू चिकित्सा में कब्ज और गैस के उपचार के लिए प्राचीन काल से इसका प्रयोग होता रहा है।
आगरा काॅलेज आगरा के वनस्पति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डाॅ़ श्याम गोविंद सिंह ने बताया कि इसबगोल बृज क्षेत्र में हर जगह आसानी से मिल जाता है। इस पर पत्तियों के लगभग बराबर बाल आती है। जिसमें बीज होते हैं। इसके बीज के छिलके का उपयोग किया जाता है। उनमें भरपूर फाइबर होता है। सबसे प्रमुख औषधीय उपयोग कब्ज दूर करने में होता है। यह आंतों में पानी सोखकर मल को नरम बनाता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। गैस, अपच व एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत देता है। कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी सहायक होता है। हृदय रोग और मधुमेह में भी लाभकारी है।