कागारौल। ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) जैसे संवेदनशील पर्यावरणीय क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ों के कटान का गंभीर मामला सामने आया है। थाना क्षेत्र के गांव वघा में 11 हरे-भरे पेड़ों की कटाई कर वन संरक्षण नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। वन विभाग की टीम ने गोदाम से 3 टन लकड़ी बरामद की है। वन विभाग की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
जानकारी के अनुसार, वन विभाग को सूचना मिली थी कि ग्राम वघा में बड़े पैमाने पर हरे पेड़ों का कटान किया जा रहा है। सूचना मिलते ही वन दरोगा महेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, तो वहां 11 पेड़ों के ठूंठ मिले, जबकि लकड़ी गायब थी। स्थानीय स्तर पर छानबीन करने पर पता चला कि खेत मालिक हाकिम सिंह व राजू ने ठेकेदार अशोक और मजदूरों (योगेंद्र व सत्यपाल) के जरिए कटान कराया था। ठेकेदार ने पकड़े जाने के डर से करीब 2980 किलोग्राम लकड़ी को अकोला स्थित एक निजी गोदाम में छिपा दिया था। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अकोला स्थित गोदाम पर छापेमारी की और चोरी-छिपे रखी गई पूरी लकड़ी बरामद कर ली। विभागीय औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बरामद लकड़ी को कानूनी प्रक्रिया के तहत खेत मालिक की सुपुर्दगी में दे दिया गया। वन दरोगा महेश कुमार ने बताया कि यह क्षेत्र ताज ट्रेपेजियम जोन के अंतर्गत आता है, जहां बिना अनुमति पेड़ काटना प्रतिबंधित है।