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पौधारोपण के दावे खोखलेः यमुना किनारे से 'गायब' 12 हजार पौधे, निगम पर उठे सवाल

Wed, 27 May 2020 01:02 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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यमुना किनारे से गायब हुए रोपे गए पौधे - फोटो : अमर उजाला
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आगरा नगर निगम ने यमुना किनारा रोड (नदी की तलहटी) पर 12 हजार पौधे पिछले साल लगाए थे, लेकिन एक भी पौधा यमुना नदी के किनारे नजर नहीं आ रहा। मानसून से पहले आगरा में नगर निगम ने दो लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था, पर 12 हजार पौधे यमुना की तलहटी में लगा दिए गए, जो मानसून में यमुना जलस्तर बढ़ने पर नष्ट हो गए। निगम के अफसरों ने पूरे पौधे लगाने का दावा किया था।
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पिछले साल जून में ये पौधे लगाए गए थे। एक साल बाद शहर के पर्यावरणविदों ने यह मसला सोशल मीडिया पर उठाया तो दिन भर यह चर्चाओं का केंद्र बना रहा।

आम आदमी पार्टी नेता पूर्व पार्षद कपिल वाजपेयी ने कहा कि 12 हजार पेड़ अदृश्य है। निगम ने पौधे नष्ट होने के बाद दोबारा नहीं लगवाए, जबकि बजट लगातार खर्च हो रहा है। जो पेड़ नष्ट हो गए, उनकी भरपाई की जानी चाहिए थी दावा था, हरियाली बढ़ाने का नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने उस समय कहा था कि ये पौधे यमुना किनारे लगाए हैं। इनसे हरियाली बढ़ेगी। इनकी देखभाल नगर निगम के कर्मचारी करेंगे।
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पौधरोपण के नाम पर मजाक किया
पर्यावरणविद् डॉ. शरद गुप्ता का कहना है कि हरियाली के नाम पर नगर निगम प्रशासन ने मजाक किया है। पौधे वहां पर लगाए गए, जहां नहीं लगाए जाने चाहिए। शहर में जगह की कोई कमी नहीं है।

नगर आयुक्त बोले, पैसा खर्च नहीं हुआ
नगर आयुक्त अरुण प्रकाश का कहना है कि हमने पौधे लगाने वाली संस्था को कोई भुगतान नहीं किया। यमुना में पानी बढ़ने के कारण पेड़ नष्ट हो गए। हमने एक रुपया भी खर्च नहीं किया था। वन विभाग ने जो पौधे दिए थे, वह निशुल्क थे और गड्ढे हमारे कर्मचारियों ने खोदे थे।
 
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