47 डिग्री की चिलचिलाती गर्मी में अगर एसी बस से सफर करने की योजना बना रहे हैं तो इस बार जेब हल्की करने को तैयार हो जाएं। एक जून से एसी बसों के किराए पर हवाई जहाज के भाड़े की तर्ज पर सर्विस टैक्स लागू हो गया है। चाहे बस रोडवेज की हो या फिर किसी प्राइवेट टूर आपरेटर की। पर्यटन नगरी आगरा में टूर आपरेटरों ने इसे पर्यटन विरोधी कदम करार दिया है।
सर्विस टैक्स की नकारात्मक सूची में शामिल परिवहन सेवाओं को भी एक जून से सर्विस टैक्स में जोड़ लिया गया। वातानुकूलित बसों के किराए के केवल 40 फीसदी धनराशि पर 15 फीसदी सर्विस टैक्स लिया जाएगा। चार्टर्ड एकाउंटेंट आफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष सीए सर्वेश वाजपेयी और प्रमोद सिंह चौहान के मुताबिक एसी बसें लग्जरी नहीं, बल्कि मध्य वर्ग की भी जरूरत है। इन्हें सर्विस टैक्स से अलग रखा जाना चाहिए था। टूरिस्ट और विशेष प्रयोजन के लिए बसों की बुकिंग कराने वालों पर यह अतिरिक्त भार पड़ेगा।
रेलवे के एसी क्लास में लागू था सर्विस टैक्स
हवाई जहाज के टिकट पर ही पूर्व में सर्विस टैक्स वसूला जाता था, लेकिन रेलवे ने एसी टिकट पर सर्विस टैक्स लागू किया तो उसके बाद इस साल से बसों को भी इसके दायरे में लाया गया। रेलवे में एसी फर्स्ट क्लास से थर्ड एसी और चेयरकार तक पर सर्विस टैक्स लिया जा रहा है।