आगरा। भाई दूज के त्योहार पर बसों में भारी भीड़ के चलते यात्रियों को सीट नहीं मिल पाईं। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इससे यात्रियों को डग्गेमार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। परिवहन निगम के दावे फेल होते नजर आए।
दिवाली पर्व पर परिवहन निगम ने 747 बसों का संचालन किया। लोकल व लंबी दूरी के मार्गों पर हर आधे घंटे में बस मिलने के दावे किए गए थे। विभाग के दावे फेल नजर आए। रामबाग फ्लाईओवर, अबुल उलाह कट और आईएसबीटी कट पर यात्री काफी देर तक बस का इंतजार करते रहे। जो बसें आईं उनमें भारी भीड़ थी। कई लोगों को खड़े होकर सफर करना पड़ा।
आगरा से कानपुर के लिए 50 बसों का संचालन किया गया। इस मार्ग पर यात्रियों की संख्या ज्यादा रही। यात्रियों को घंटों बस के इंतजार में खड़ा रहना पड़ा। इसके साथ ही नोएडा एक्सप्रेस-वे होते हुए दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी बस के लिए इंतजार करना पड़ा। इस मार्ग पर बसों में अत्यधिक भीड़ रही।
त्योहार पर घर जाने के लिए सरकारी बसों में सीट नहीं मिली तो यात्रियों ने प्राइवेट बसों का सहारा लिया। ऐसे में उन्हें चार से पांच गुना तक किराया देना पड़ा। आगरा से गुरुग्राम जाने के लिए जहां रोडवेज बस में करीब 400 रुपये किराया लगता है, वहीं निजी बस में करीब 2000 रुपये तक चुकाने पड़े। इससे यात्रियों का समय तो बचा लेकिन खर्चा ज्यादा हुआ।
बसों में सीट ने मिलने का फायदा डग्गेमार वाहनों ने जमकर उठाया। यात्रियों आसपास के शहरों में जाने के लिए किराये से दोगुना पैसा वसूला। रामबाग से फिरोजाबाद जाने के लिए 30 रुपये की जगह 70 रुपये तक वसूले। रामबाग, भगवान टॉकीज और ट्रांसपोर्ट नगर ओवरब्रिज के नीचे डग्गेमार बस, इको और मैजिक ने सवारियां भरीं।