लेनदेन पर बिगड़ी बात
सीओ सिटी प्रवीण तिवारी ने बताया कि पुलिस की जांच में सामने आया है कि बालमुकुंद और गजेंद्र सिंह 30 साल से व्यापारिक साझेदार थे। साझेदारी वाली ट्रांसपोर्ट कंपनी जय मां भवानी के फिरोजाबाद कार्यालय को गजेंद्र सिंह और हाथीघाट वाले कार्यालय को बालमुकुंद संभालते थे। दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी, ट्रांसपोर्ट कारोबार से पहले भी दोनों एक साथ काम करते थे। मृतक बालमुकुंद की पत्नी रूपम ने पुलिस को बताया कि पिछले कुछ समय से गजेंद्र की पैसों पर नियत खराब हो गई। कमाई के पूरे हिस्से को वह खुद हड़प जाता था। इसी विवाद में पति बालमुकुंद ने आगरा से लोड होने वाले माल को दूसरी ट्रांसपोर्ट पर उतारना शुरू कर दिया था। रविवार को भी यही हुआ। आल इंडिया ट्रांसपोर्ट कंपनी, ककरऊ कोठी पर आगरा से लदे माल को उतारा जा रहा था। इसी का विरोध करने गजेंद्र अपने बेटों, भाई के साथ आया था। उसने आते ही पति के साथ अभद्रता, गाली-गलौज की। इसके बाद हत्या की धमकी देने लगे। पति ने विरोध किया तो उनके साथ गजेंद्र, उसके बेटे नितिन, अंकुर और भाई पिंटू ने मारपीट की। इसके बाद भी जब मन नहीं भरा तो पति को लेकर जय मां भवानी ट्रांसपोर्ट कंपनी के कार्यालय ले गए। वहां फिर से मारपीट करते हुए हत्या कर डाली।