आगरा। उत्तर प्रदेश मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (यूपीएमटीए) ने भारी वाहनों पर पर्यावरण शुल्क में अप्रत्याशित वृद्धि के विरोध में तीन दिवसीय सांकेतिक चक्काजाम का पूर्ण समर्थन किया है। यह चक्का जाम बृहस्पतिवार से 23 मई तक चलेगा, जिसकी घोषणा ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने की है।
यूपीएमटीए ने अपनी आपात बैठक में सर्वसम्मति से इस निर्णय पर मुहर लगाई और डीजल की बढ़ती कीमतों पर भी रोष व्यक्त किया। एसोसिएशन ने सभी ट्रांसपोर्टरों को सलाह दी है कि वे चक्काजाम की अवधि के दौरान एनसीआर दिल्ली क्षेत्र के लिए माल परिवहन न करें। यह कदम उन्हें संभावित परेशानी से बचाने के लिए उठाया गया है। यह निर्णय बुधवार को ग्वालियर रोड स्थित आगरा अंचल कार्यालय पर हुई बैठक में लिया गया।
बैठक में डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। एसोसिएशन का मानना है कि इससे महंगाई बेतहाशा बढ़ेगी। गरीब और मध्य वर्ग के लिए जीवनयापन करना और भी मुश्किल हो जाएगा। यह देश की लक्षित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगी। कहा गया कि यह वृद्धि परिचालन लागत बढ़ाएगी। डीजल की बढ़ती कीमतें पहले से ही ट्रांसपोर्ट उद्योग पर बोझ डाल रही हैं। इसका सीधा असर माल ढुलाई की लागत पर पड़ेगा, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक कीमत देकर चुकानी पड़ेगी।
बैठक में अंचल अध्यक्ष अशोक बंसल, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, जिलाध्यक्ष राजपाल यादव, मंडल महामंत्री दीपक शर्मा, दीपक खंडेलवाल, हुकुम सिंह, मंजू भदौरिया, बीके मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, फिरोजाबाद से अध्यक्ष संजय यादव, महामंत्री अनूप तिवारी, हाथरस से अध्यक्ष नवजोत शर्मा और एमसी सदस्य राहुल गुप्ता, मथुरा से धर्मवीर फौजी, अलीगढ़ से मंडल अध्यक्ष विजय सारस्वत और आकाश सिंह ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया।