बैंकों में अपने काम कराने के लिए कम, बल्कि ट्रांजेक्शन चार्ज की शिकायतें लेकर ग्राहक ज्यादा पहुंच रहे हैं। एक अप्रैल से बैंकों ने हर सुविधा, लेन-देन, पासबुक प्रिंटिंग, चेकबुक, एटीएम आदि को लेकर अपने शुल्क में इजाफा किया है। एक महीने बाद ऐसे ग्राहकों की संख्या ज्यादा है, जो अपनी पासबुक लेकर बैंकों में शुल्क लग जाने की शिकायतें कर रहे हैं।
भारतीय स्टेट बैंक समेत सार्वजनिक क्षेत्र और प्राइवेट बैंकों में शिकायत लेकर आने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। ज्यादातर शिकायतें शुल्क को लेकर हैं। नए नियमों के तहत निर्धारित संख्या से ज्यादा चेकबुक, एटीएम, पासबुक प्रिंटिंग, लेन-देन पर 150 रुपये तक का शुल्क लगाया जा रहा है, जिससे ग्राहक अब तक जागरूक नहीं हुए हैं। 10 में से 8 शिकायतें इन दिनों इसी शुल्क की हैं।
सबसे ज्यादा ऐसी शिकायतें भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहकों की है। दरअसल, देश का सबसे बड़ा बैंक होने के साथ ही स्टेट बैंक की शाखाएं भी ज्यादा हैं। पांच बैंकों के विलय और महिला बैंक के भी विलय के बाद स्टेट बैंक के ग्राहकों की भी संख्या ज्यादा हो गई है। ग्रामीण इलाकों तक पहुंच के कारण लोगों को अब यह कटौती भारी पड़ रही है। ग्राहक पहले की तरह ही एटीएम और ब्रांच से कई बार लेन-देन कर रहे हैं, जबकि दोबारा पासबुक प्रिंटिंग, तीन बार से ज्यादा लेन-देन पर बैंक शुल्क लगा रहा है।