त्योहारी सीजन में हर साल घर जाने के लिए ट्रेनों में टिकटों की मारामारी शुरू हो जाती है। यही हाल इस बार भी है। दीपावली का त्योहार अपने परिवार के साथ मनाना चाहते हैं, तो ट्रेनों में आरक्षण भूल ही जाएं। दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनों में अगले महीनें तक सीटें फुल हैं, जिसके चलते आखिरी समय में आप लोगों को बिना आरक्षण के या फिर प्राइवेट वाहनों से ही अपनी यात्रा पूरी करनी पड़ सकती है।
दीपावली के त्योहार में अब कुछ ही समय शेष हैं। बाहर रहकर नौकरी करने वाले लोग हों, बाहर रहकर पढ़ने वाले विद्यार्थी हों या फिर अन्य लोग। सभी अपने-अपने परिवार में जाकर खुशियों के इस त्योहार को मनाने के लिए उत्सुक हैं। अधिकांश लोगों ने अपने दीपावली त्योहार तक अपने घर पहुंचने के लिए ट्रेनों में आरक्षण एक नहीं दो से तीन महीने पहले ही करा लिए हैं। इसके चलते अब ट्रेनों में आरक्षण के लिए अगले एक माह तक सीट ही उपलब्ध नहीं हैं।
अधिकांश ट्रेनों में वेटिंग
ट्रेनों में आरक्षण की स्थिति ये है कि वेटिंग 50 या 100 नहीं अपितु दो सौ के पार कर गई है। 12 अक्टूबर से पूरे माह तक अधिकांश ट्रेनों में आरक्षण की स्थिति का कुछ ऐसा ही हाल है। ऐसे में आखिरी समय पर आरक्षण कराने वाले यात्रियों को बड़ा झटका लगने वाला है। उन्हें ट्रेनों में आरक्षण कंन्फर्म होगा भी या नहीं, कुछ नहीं कहा जा सकता। ऐसे में उन्हें प्राइवेट वाहनों से ही सफर करना पड़ सकता है।