सुदूर बीहड़ में बसे गांवों के बीच से गुजरने वाली आगरा-इटावा रेल लाइन पर पैसेंजर ट्रेन की शुरुआत विकास की गति को तेज करेगी। रोजाना गांवों से रोजगार के लिए आगरा, इटावा, शमसाबाद और फतेहाबाद की दौड़ लगाने वालों के लिए ट्रेन वरदान बनेगी तो वहीं छोटे किसान, फल सब्जी विक्रेता और दूधियों के लिए भी ट्रेन संजीवनी का काम करेगी। अंग्रेजों के जमाने में उखाड़ी गई रेल लाइन पर ट्रेन की शुरुआत पर दूरदराज के सैकड़ों ग्रामीण आए।
बता दें, तकरीबन 76 साल पहले अंग्रेजी हुकूमत ने 1939 में इस रेल लाइन को उखाड़ दिया था। चंबल में तब डकैतों का राज चलता था। दस्यु समस्या से लंबे समय से पीड़त रहे लोगों को इस ट्रेन के चलने से आस जागी है। भिंड के सांसद भागीरथ प्रसाद ने कहा कि डाकुओं की वजह से बदनाम रहे चंबल के बीहड़ अब डेवलेपमेंट का गवाह बनेंगे। बाह, फतेहाबाद, बटेश्वर, मान सिंह का पुरा, भदरौली, जैतपुर से सैकड़ों लोग इस ट्रेन में सफर करने आए थे। बाह के इलेक्ट्रानिक व्यापारी आनंद कुमार गुप्ता का कहना था कि सड़कों का बुरा हाल है। रोडवेज बसें कम आती हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग डग्गेमार वाहनों में सफर करते हैं। पैसेंजर ट्रेन चलने से छोटे व्यापारी और किसानों को फायदा होगा। किराए में भी खासा अंतर है। बस से बटेश्वर के बाह तक का बस का किराया 60 रुपये है, जबकि पैसेंजर ट्रेन का किराया मात्र 10 रुपये है। साथ ही सुबह जाने वाला व्यक्ति शाम को इसी ट्रेन से लौट भी आएगा। ऐसे में लोगों को दोहरा फायदा होगा।
बटेश्वर निवासी प्राइमरी शिक्षक राजेश कुमार की मानें तो लंबे समय बाद चंबल की पूरी बेल्ट के गांवों के बीच आवागमन सुगम हो गया। शिक्षामित्र हों या फिर शिक्षक, किसान, दूधिया, फेरी वाले और मजदूर सभी को ट्रेन की सुविधा शुरू होने से लाभ मिलेगा। बस और अन्य साधनों से सफर रेल के मुकाबले बहुत महंगा है। 72 वर्षीय राम प्रसाद का कहना था कि उदी से भिंड भी पास पड़ेगा। ऐसे में भिंड की दूरी कम हुई है।
अटल को ही भूल गया रेलवे विभाग
इस रेल परियोजना की आधारशिला पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी जन्मस्थली बटेश्वर में वर्ष 1999 में रखी थी। डेमू पैसेंजर के शुरू होने पर रेल राज्यमंत्री से लेकर भाजपा नेताओं ने इस ट्रेन को अटल जी के सपनों की रेल बताया। कहा कि उनके प्रयासों के कारण ही इस ट्रैक पर ट्रेन का संचालन शुरू हो सका। लेकिन पूरे आयोजन में मंच पर कहीं भी अटल जी का चित्र तक नहीं लगा था। बिल्डरों की संस्था क्रेडाई की ओर से जरूर अटल बिहारी वाजपेयी के होर्डिंग्स समारोह स्थल पर लगे हुए थे।
भाजपा नेताओं ने कब्जाया मंच, सपा नेताओं ने बनाई दूरी
समारोह में नई ट्रेन के शुरू कराने का श्रेय भाजपा नेताओं ने ही लिया। समारोह में भाजपा के दोनों सांसद, मंत्री, विधायक, पूर्व मंत्री पहुंचे। उन्हें मंच पर भी स्थान दिया गया। लेकिन समारोह में आमंत्रित किए गए सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव नहीं आए। सपा नेताओं में जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव भी शामिल हुए, लेकिन मंच पर उन्हें कोई खास तवज्जो नहीं दिया गया। उधर, क्षेत्रीय विधायक और पूर्व मंत्री महेंद्र अरिदमन सिंह भी समारोह भी समारोह में नहीं पहुंचे।