टूंडला (फिरोजाबाद)। शिकोहाबाद-कानपुर पैसेंजर ट्रेन के इंजन का शीशा शनिवार सुबह अचानक निकलकर रेल चालक और सह चालक के ऊपर गिर गया। घटना में दोनों चालक घायल हो गए। घायल चालकों ने स्वयं को शीशे से अलग कर ट्रेन को नियंत्रित किया। घायल होने के बाद दोनों चालकों ने ट्रेन को अगले स्टेशन तक पहुंचाया। करीब दो घंटे बाद ट्रेन में दूसरा इंजन लगाकर ट्रेन को रवाना किया गया।
टूंडला हेड क्वार्टर के रेल चालक राजमणि मीणा शनिवार को ट्रेन संख्या 64164/62 शिकोहाबाद-कानपुर ट्रेन लेकर कानपुर जा रहे थे। कानपुर रेलखंड के इटावा स्टेशन से आगे निकलते ही ट्रेन के इंजन (कैब) का आगे का शीशा हवा के प्रेशर से अचानक निकलकर चालक राजमणि मीणा और सहायक चालक के ऊपर गिर पड़ा। शीशा गिरने से उनके सिर, नाक और छाती में चोट आई है। चश्मा भी टूट गया। शीशे के नीचे फंसे दोनों चालकों ने किसी तरह निकलकर ट्रेन को पाता रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया। घायल होने और शीशा न होने पर उन्होंने आगे ट्रेन चलाने में असमर्थता जताई और ट्रेन को खड़ा कर दिया। जानकारी पर टूंडला नियंत्रण कक्ष ने दूसरा इंजन लगवाकर ट्रेन को करीब 10 बजे गंतव्य के लिए रवाना किया। इस दौरान यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर दैनिक यात्री खासे परेशान रहे।
....तो हो सकती थी रेल दुर्घटना
टूंडला। दौड़ती ट्रेन के इंजन के अगले शीशे का अचानक निकलकर चालकों के ऊपर गिरने से बड़ी रेल दुर्घटना भी हो सकती थी। गनीमत रही कि घटना ऐसी जगह हुई, जहां ट्रेन सीधे जानी थी और आगे सिग्नल यलो थे। यदि घटना रेलवे स्टेशन पर प्रवेश के दौरान होती अथवा शीशा टूटकर चालकों के सिर आदि में लगता तो चालक गंभीर घायल होते और ट्रेन को रोक नहीं पाते। ऐसे में हादसा गंभीर हो सकता था।