त्योहार पर घर जाने के इंतजार में बैठे यात्रियों को निराशा हाथ लग रही है। रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेन चला रहा है। कई ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए गए हैं और कई के फेरे बढ़ाए जा रहे हैं। इसके बावजूद यात्रियों को ट्रेनों में जगह नहीं मिल पा रही। कम दूरी की ट्रेन हो या लंबी दूरी की इनमें वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रही है। ऐसे में यात्री बस या टैक्सी का सहारा ले रहे हैं।
2 अक्तूबर को दशहरा पर घर जाने के लिए यात्रियों के लिए ट्रेन में टिकट उपलब्ध नहीं हो रही हैं। आगरा कैंट से हरिद्वार के लिए चलने वाली उत्कल एक्सप्रेस में कोई भी सीट उपलब्ध नहीं है। ट्रेन में वेटिंग की टिकट भी नहीं मिल रही है। जबकि दशहरा में सिर्फ 8 से 9 दिन का समय बचा है। आगरा फोर्ट से लखनऊ जाने वाली कोटा-पटना एक्सप्रेस में स्लीपर कोच में सीट उपलब्ध नहीं है। आगरा फोर्ट से जाने वाली मरुधर एक्सप्रेस में भी कोई सीट उपलब्ध नहीं है। यही हाल अवध एक्सप्रेस का है।
इसके अलावा लंबी दूरी की आगरा कैंट से अहमदाबाद जाने वाली ओखा एक्सप्रेस में वेटिंग की सीट भी नहीं है। इंदौर जाने वाली मालवा एक्सप्रेस में सिर्फ वेटिंग की सीट मिल रही है। जिसके कन्फर्म होने के आसार कम ही हैं।
बसों की संख्या भरपूर
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक ब्रह्म प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि आगरा से लंबी दूरी के लिए करीब 45 बसों का संचालन हो रहा है। ये बसें लखनऊ, फैजाबाद, अयोध्या, बरेली, टनकपुर, हरिद्वार, देहरादून के मार्ग पर संचालित हो रही हैं। यात्रियों की संख्या अधिक होने पर बसों की संख्या में बढ़ोतरी कर सकते हैं। इन बसों में कई साधारण और एसी बसें भी शामिल हैं।
टैक्सी बनीं सहारा
एक ट्रेवल्स संचालक ने बताया कि त्योहार पर टैक्सी की बुकिंग की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। अभी कुछ समय से बुकिंग कम हो रही थी, लेकिन अब रोजाना दो से तीन बुकिंग आ रही हैं। जिसमें अधिकतर कामगार लोग और छात्र-छात्राएं शामिल हैं। लंबी दूरी के लिए करीब तीन से चार हजार रुपये की बुकिंग हो रही है। कई लोग ऐसे भी हैं जो आपस में बुकिंग शेयर कर लेते हैं। जिससे उनका खर्च बच जाता है।
बस से करेंगे सफर
यात्री विकास बैस ने बताया कि दिल्ली से मैनपुरी के लिए 1 अक्तूबर की टिकट करानी थी। कई ट्रेन में वेटिंग काफी लंबी है और कुछ में टिकट उपलब्ध नहीं हैं। टैक्सी करने में ज्यादा पैसा खर्च हो सकता है, इसलिए बस से सफर करना पड़ेगा।