यमुना मे डूबे साहिल का फ़ाइल फोटो
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बटेश्वर (आगरा)। गंगा दशहरा पर्व बटेश्वर में स्नान करने के दौरान आगरा का एक युवक यमुना नदी में डूब गया। हादसे के 14 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासन और पीएसी के गोताखोर युवक की तलाश नहीं कर सके हैं। बेटे के डूबने से मां-पिता और परिवार के अन्य लोगों की रो-रोकर हालत खराब है।
पुलिस के मुताबिक आगरा के श्याम लाल की बगिया, ककुआ निवासी साहिल (22) गंगा दशहरा पर अपने गांव के करीब 30-35 लोगों के साथ बटेश्वर आया था। सोमवार भोर में करीब 4 बजे साहिल अपने एक दोस्त के साथ यमुना नदी के नरुआ घाट (रामजानकी मंदिर घाट) पर स्नान करने गया था। नहाने के दौरान पैर फिसलने के कारण वह गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते यमुना की तेज लहरों में डूब गया। साथी युवक के शोर मचाने पर स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। शुरुआत में स्थानीय गोताखोरों की मदद से साहिल की तलाश शुरू की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद 12वीं वाहिनी पीएसी (फतेहपुर) के गोताखोर मोटर बोट के साथ मौके पर पहुंचे और नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम बाह विनोद कुमार, तहसीलदार बाह संपूर्ण कुलश्रेष्ठ और नायब तहसीलदार दया चंद पौरुष भी मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों की निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज किया गया। हालांकि, घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद भी डूबे हुए साहिल का कोई सुराग नहीं लग सका।
उधर, हादसे की खबर मिलते ही साहिल के माता-पिता और परिजन बदहवास हालत में बटेश्वर घाट पहुंचे। अपने बेटे की इस अनहोनी से परिवार में कोहराम मच गया। मां-बाप तो रोते-बिलखते कई बार बेहोश भी हो गए। प्रशासनिक लाचारी पर आक्रोश जताते हुए साहिल के लाचार पिता ने सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने रुंधे गले से कहा कि यह कैसा प्रशासन और कैसी सरकार है, जो घटना के 14 घंटे बीत जाने के बाद भी डूबे हुए बेटे का कुछ पता नहीं लगा सकी है।