स्कूल-कॉलेज एक जुलाई से खुल जाएंगे। मगर एमजी रोड, माॅल रोड, आगरा कैंट रोड सहित कई स्थानों पर मेट्रो की बैरिकेडिंग से सड़कें संकरी हो चुकी हैं। पुलिस प्रशासन ने कई योजनाएं तैयार कीं लेकिन लागू नहीं हो सकीं। ऐसे में जगह-जगह जाम लगने की संभावना जताई जा रही है।
एमजी रोड पर भगवान टाॅकीज से लेकर साईं का तकिया चौराहे तक मेट्रो की बैरिकेडिंग है। सबसे ज्यादा ट्रैफिक भी इसी मार्ग पर है। एमजी रोड पर आधी सड़क ही बची है। एक सिटी बस के निकलने से जाम लग जाता है। पूरे दिन जाम के हालात बने रहते हैं।
अब स्कूलों के शुरू होने और छुट्टी होने पर बसें, स्कूल कैब और छात्रों के वाहन भी इसी मार्ग से होकर गुजरेंगे। ऐसे में जाम से निपटने के लिए कोई कार्ययोजना नहीं बनाई गई हैं। सड़क किनारों से न तो अतिक्रमण हटाए गए और न ही फुटपाथ खाली कराए गए।
ट्रैफिक में सुधार के लिए पुलिस प्रशासनिक अफसरों ने कई बार व्यापारियों के साथ बैठकें कीं। रात में एमजी रोड से भारी वाहनों को डायवर्ट करने, फुटपाथ तोड़कर सड़क चौड़ी करने सहित कई निर्णय हो चुके हैं। लेकिन अमल में नहीं लाया जा सका।
हाल में मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने ट्रैफिक सुधार के लिए संयुक्त टीम बनाने और लोगों को जाम से मुक्ति दिलाने के निर्देश दिए थे। एमजी रोड संघर्ष समिति के शिशिर भगत का कहना है कि मेट्रो का काम दो वर्ष तक चलेगा। ऐसे में लोगों को स्थायी समाधान की जरूरत है।