आगरा। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद की ओर से बिजली बिलों पर जून से 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार लगाए जाने की घोषणा के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश की महानगर इकाई ने मोर्चा खोल दिया है। महानगर अध्यक्ष नरेश पांडेय के नेतृत्व में व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन को संबोधित एक ज्ञापन आगरा फोर्ट के उपखंड अधिकारी दिनेश कुमार को सौंपा।
व्यापारियों ने विरोध जताते हुए कहा कि इस बढ़ोतरी से पूर्व नियामक आयोग से अनुमति नहीं ली गई है। घरेलू व औद्योगिक बिलों में पहले से ही फिक्स चार्ज और वाणिज्यिक बिलों में फिक्स व मिनिमम चार्ज दोनों वसूले जा रहे हैं। साथ ही सभी पर 7.5 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी भी जोड़ी जा रही है। नियामक आयोग हर साल समीक्षा और जनसुनवाई के बाद ही दरें तय करता है, ऐसे में बीच सत्र में दाम बढ़ाना अनुचित है। व्यापारियों ने जनहित में अधिभार को तत्काल समाप्त करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से सुरेश लवानिया, कपूर चंद रावत, अरुण गुप्ता, जयदीप सोनकर, राजीव जैन, सतीश वर्मा और महेश चंद शर्मा आदि शामिल रहे।