आगरा में दिल्ली से बिना बिल के ट्रेन में माल लाए। कैंट स्टेशन से पहले जैसे ही ईदगाह और पचकुइयां पुल के बीच ट्रेन रुकी, पलक झपकते ही ट्रेन के डिब्बों से बोरों में माल नीचे। यहां पहले से मौजूद ई-रिक्शा, लोडिंग टैंपो पल भर में ही यह माल गायब कर देते हैं।
रेलवे के जरिए इस तरह बड़े पैमाने पर जीएसटी की चोरी हो रही है। जीएसटी अधिकारियों की टीम स्टेशन के बाहर माल की चेकिंग के इंतजार में रहती है और दिल्ली से आया माल स्टेशन से दो किमी पहले ही उतारकर व्यापारी ले जा रहे हैं।
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दिल्ली से आगरा आने वाली ट्रेनों में शाम को 5 से रात 2 बजे तक ही ज्यादातर माल की डिलीवरी हो रही है। पूरे दिन दिल्ली में खरीदारी के बाद शाम की ट्रेनों में एजेंट व्यापारी के लिए माल लेकर आते हैं, जो बिल्लोचपुरा से लेकर कैंट से पहले ईदगाह पुल तक माल नीचे उतार ही देते हैं। इस नेटवर्क को सबसे ज्यादा फायदा कैंट स्टेशन से पहले ही ट्रेनों के उतर जाने से है।