जूते पर जीएसटी नहीं घटी... तो संसद तक होगा मार्च
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उत्तर प्रदेश के आगरा में जूते पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने की मांग करते हुए कारोबारी आंदोलित हैं। सोमवार को जयपुर हाउस स्थित श्रीराम पार्क में महापंचायत होगी। जहां 26 प्रांतों के कारोबारी शामिल होंगे। रणनीति बनेगी। तय हुआ है कि जूता पर जीएसटी नहीं घटी तो संसद तक मार्च होगा।
द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन अध्यक्ष विजय सामा ने शनिवार को हींग की मंडी में बैठक की। जहां आंदोलन की रूपरेखा बताई। उन्होंने कहा आगरा में तीन लाख परिवार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जूते के कारोबार पर निर्भर हैं। पहले पांच प्रतिशत ही जीएसटी था। इसे बढ़ा दिया गया है।
एक हजार से अधिक मूल्य के जूते पर 18 प्रतिशत जीएसटी है। 200 से 250 रुपये में जूता बनाने वाले छोटे कारीगर, दस्तकार व कारोबारी सभी प्रभावित हैं। सचिव नरेंद्र पुरसनानी ने कहा कि जीएसटी बढ़ने से जूता कारोबार संकट में है। कई फैक्टरियां बंद हो चुकी हैं। कारीगर हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
फिटमेंट कमेटी ने एजेंडे में किया शामिल
अध्यक्ष विजय सामा ने बताया कि पिछले माह इस संबंध में राज्य वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात की गई थी। इसके बाद जीएसटी घटाने के प्रस्ताव को जीएसटी काउंसिल की फिटमेंट कमेटी ने अपने एजेंडे में शामिल कर लिया है। 9 सितंबर को फिटमेंट कमेटी की बैठक होगी। दस्तावेज व रिपोर्ट भेज दी गई हैं।
इन संगठनों का समर्थन
सोमवार को जयपुर हाउस में महापंचायत का शू फैक्टर्स फेडरेशन के अलावा सोल एसोसिएशन, कुटीर उद्योग, ट्रेडर्स, नेशनल चैंबर, दस्तकार संगठन जाटव महापंचायत सहित एक दर्जन संगठनों ने समर्थन किया है। शनिवार को हुए महापंचायत के आमंत्रणपत्र विमोचन में ताहिर कुरैशी, उस्मान कुरैशी, कोषाध्यक्ष दिलप्रीत सिंह, वासु मूलचंदानी, अजय महाजन, प्रमोद महाजन, संजय अरोड़ा, धनश्याम दास, अनिल लाल, विजय जटाना, सुधीर महाजन आदि मौजूद रहे।