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आरएस बुलियन से जुड़ी एक और फर्म पर व्यापार कर छापा, कई दस्तावेज जब्त

Fri, 28 Jun 2019 12:03 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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सांकेतिक तस्वीर
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नोटबंदी के दौरान प्रकाश में आई आरएस बुलियन से जुड़ी एक और फर्म पर गुरुवार को व्यापार कर की टीम ने छापा मारा। छापे में टीम को रिटर्न और उपलब्ध स्टॉक में अंतर मिला। कई दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं। संपत्ति का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। आयकर के छापे से व्यापारियों में हड़कंप मचा रहा है।
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गुरुवार को व्यापार कर की टीम डिप्टी कमिश्नर सुजाता सिंह, एके सिंह की मौजूदगी में धान्या एग्जिम प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य व्यापार स्थल गोविंद नगर पहुंचे। जहां पर कोई भी व्यापारिक गतिविधि नहीं मिली। 

इसके बाद आयकर टीम ब्रजवासी कांप्लेक्स स्थित प्रतिष्ठान पर पहुंचे। यहां पर ऑफिस में फर्म के डायरेक्टर प्रमोद अग्रवाल मिले। कुछ बुलियन का स्टॉक भी मिला। टीम ने यहां से अन्य कागजात कब्जे में लिए।
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टीम को व्यापारी द्वारा रिटर्न में घोषित स्टॉक और ब्रांच ऑफिस में मिले स्टॉक में अंतर मिला। तमाम दस्तावेज यहां से लिए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर सुजाता सिंह ने बताया कि अभी जांच की जा रही है।

नोटबंदी में करोड़ों का हेरफेर करने वाली आरएस बुलियन फर्म से प्रशासन एक वर्ष पूरा होने पर भी पेनाल्टी तक नहीं वसूल सका है। वाणिज्य कर ने उस पर 18 करोड़  की पेनाल्टी लगाई है।

नोटबंदी के दौरान आरएस बुलियन एंड ज्वैलर्स फर्म द्वारा सोने की भारी मात्रा में नियमों के विपरीत खरीद-फरोख्त की गई थी। इसकी शिकायत जब वाणिज्य कर अधिकारियों तक पहुंची तो उनके द्वारा जांच की गई। जांच में गड़बड़ी पाई गई और उनके द्वारा 18.55 करोड़ की पेनाल्टी लगाई गई। 
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पेनाल्टी की वसूली के लिए वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने 11 जुलाई 2018 को आरसी जारी कर दी गई। आरसी जारी होने के बाद इसकी जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों पर आ गई परंतु बड़ी राशि की आरसी होने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों ने द्वारा इसमें कोई रुचि नहीं ली गई। जिसके चलते लगभग एक वर्ष होने के बाद भी आरसी की वसूली नहीं हो सकी।
 
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