आगरा नगर निगम की बैठक में दो अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लग गई। अब दुकानों पर विज्ञापन शुल्क, नई श्रेणी के 58 व्यवसायों को ट्रेड लाइसेंस टैक्स देना होगा।
आगरा नगर निगम में आय बढ़ाने के उद्देश्य से दो अहम प्रस्तावों को चर्चा के बाद मंजूरी दे दी गई। सोमवार को हुई बैठक में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर प्रचार शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई। इसके साथ ही नई श्रेणी के 58 व्यवसायों पर ट्रेड लाइसेंस शुल्क लगाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिली।
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सदन में पार्षद रवि बिहारी माथुर की ओर से पहला प्रस्ताव पेश किया गया। कहा गया कि निगम की आय बढ़ाने के लिए तय मानक से ज्यादा साइज के बोर्ड लगाने और निजी कंपनियों का प्रचार-प्रसार करने पर विज्ञापन शुल्क वसूला जाए। चर्चा के दौरान तय हुआ कि शुल्क छोटे दुकानदारों से नहीं बल्कि उन्हें बोर्ड मुहैया कराने वाली बड़ी कंपनियां के प्रबंधन से वसूला जाएगा। बड़े दुकानदारों पर शुल्क लगाने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा नगर निगम प्रशासन की ओर से लाए गए ट्रेड लाइसेंस टैक्स को भी मंजूरी दे दी गई। अभी तक होटल, रेस्टोरेंट, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी एक्स-रे, डेंटल क्लिनिक, निजी क्लीनिक बार व बियर शराब आदि की दुकान से ही शुल्क वसूला जाता था। पिछले साल जारी हुए एक प्रस्ताव को आधार बनाकर निगम ने 59 और श्रेणियाें के व्यवसायों को शुल्क की श्रेणी में शामिल कर लिया। उनके लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं। इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
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चर्चा के दौरान कुछ पार्षदों ने सड़क पर खड़े होने वाले ट्रांसपोर्टरों, मिठाई और बकरी दुकान पर ज्यादा शुल्क लगाने का सुझाव दिया। तय हुआ कि इन दोनों प्रस्तावों को संशोधन प्रस्ताव लाकर जोड़ा जाएगा।