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आगरा में इस मार्ग से गुजरना खतरनाक: तीन साल में 27 बार धंसी ये सड़क, अब ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्राॅली फंसी

Wed, 01 Jul 2026 09:25 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

दो साल पहले हुई जांच रिपोर्ट में सामने आया था कि पाइप घटिया गुणवत्ता के लगे हैं, जो मानकों पर खरे नहीं हैं। इस वजह से बार-बार सड़क धंस रही है। रिपोर्ट में जलनिगम के तत्कालीन इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई और यहां दोबारा दो किमी के हिस्से में नई सीवर लाइन बिछाने की सिफारिश की गई थी। 
 
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सड़क पर धंसी ट्रैक्टर ट्राॅली। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के दयालबाग में 100 फुटा रोड पर कल्याणी हाइट्स के पास फिर से सड़क धंस गई। बुधवार शाम को यहां से निकल रही ईंटों से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली इसमें फंस गई, जिससे ईंटें गिर गईं। गनीमत रही कि उस समय ट्रैक्टर के पास से कोई दोपहिया या चार पहिया वाहन नहीं निकल रहा था। चौंकाने वाला पहलू ये है कि यह सड़क तीन साल में 27 बार धंस चुकी है। तत्कालीन मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी के निर्देश पर बनाई गई संयुक्त कमेटी यहां पर सीवर लाइन बदलने की सिफारिश कर चुकी है।
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दयालबाग के पार्षद भरत शर्मा ने बताया कि बुधवार को इंजीनियरिंग कॉलेज से 100 फुटा कल्याणी हाइट्स वाली रोड धंस गई। यहां सीवर लाइन लीकेज के कारण पूर्व में भी सड़क धंस चुकी है। 6 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर लखनऊ भेजा गया था, लेकिन इसका क्या हुआ, स्वीकृति मिली या नहीं, कोई जानकारी नहीं है।

 

14 साल में गल गए पाइप, मैनहोल बनाए घटिया
दयालबाग की सड़कें धंसने के मामले में बनी कमेटी में लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर एनके यादव, नगर निगम के चीफ इंजीनियर बीएल गुप्ता, जलकल महाप्रबंधक एके राजपूत, जलनिगम अधिशासी अभियंता स्वतंत्र सिंह और वीए टेक वबाग के प्रोजेक्ट मैनेजर अनुज त्रिपाठी ने दो साल पहले रिपोर्ट दी थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सीवर लाइन के पाइप गल चुके हैं और मैनेहोल का घटिया निर्माण होने से जोड़ पर लीकेज है। पाइप घटिया गुणवत्ता के लगे हैं, जो मानकों पर खरे नहीं हैं। इस वजह से बार-बार सड़क धंस रही है। रिपोर्ट में जलनिगम के तत्कालीन इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई और यहां दोबारा दो किमी. के हिस्से में नई सीवर लाइन बिछाने की सिफारिश की गई थी। पाइप के नीचे पीसीसी बेड डालने और बालू का भराव करने पर जोर दिया गया था।

 
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दयालबाग में 27 बार सड़क धंस चुकी है, जिसमें कई हादसे हो चुके हैं। संयुक्त जांच कमेटी की सिफारिश के बाद भी सीवर लाइन नहीं बदली जा रही है। लगता है मुझे भी गड्ढे में केक काटना होगा, शायद तभी अधिकारियों की नींद खुलेगी -भरत शर्मा, पार्षद, दयालबाग

- दयालबाग में बार-बार सड़क धंस रही है। यह मुख्य मार्ग है। बड़ा हादसा हो जाएगा, तब शायद नगर निगम के अधिकारी कदम उठाएंगे। तीन साल से मांग उठाते-उठाते अब थक गए हैं। -सौरभ चौधरी, क्षेत्रीय निवासी
 
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