प्रेस वार्ता में माैजूद कैलाश मंदिर के महंत।
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आगरा के कैलाश मंदिर में प्रस्तावित 12 ज्योतिर्लिंग मंदिर के निर्माण पर महंत परिवार में विवाद खुलकर सामने आ गया है। बुधवार को महंत निर्मल गिरि ने सात सेवायतों के साथ प्रेसवार्ता कर निर्माण का विरोध किया। दावा किया कि भूमि पूजन से पहले महंत परिवार से कोई भी सामूहिक सहमति नहीं ली गई। कोई एक महंत व्यक्तिगत ताैर पर मंदिर का निर्माण नहीं करा सकता है। प्रेसवार्ता में 11 सेवायत भी शामिल रहे। उधर, महंत गौरव गिरि ने आरोपों को खारिज किया। कहा कि अपने हिस्से में धर्मशाला पर मंदिर का निर्माण कराया जा रहा था।
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महंत निर्मल गिरि ने बुधवार को सिकंदरा स्थित रेस्तरां में प्रेसवार्ता की। इसमें महंत सुभाष गिरि, महंत सतीश गोस्वामी, महंत दिलीप गिरि, महंत सोमेश गिरि, महंत राजकुमार गिरि, महंत केशव गिरि, महंत सचिन गोस्वामी,महंत धर्मेंद्र गिरि आदि उपस्थित रहे। निर्मल गिरि ने कहा कि प्राचीन कैलाश मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक गरिमा को बनाए रखना सभी महंतों की जिम्मेदारी है। किसी भी महंत को मंदिर परिसर के भीतर व्यक्तिगत रूप से मंदिर बनाने का अधिकार नहीं है।
आरोप लगाया कि यदि एक महंत को व्यक्तिगत मंदिर बनाने की अनुमति दी गई तो भविष्य में अन्य महंत भी ऐसा करने लगेंगे, जिससे प्राचीन मंदिर का मूल स्वरूप प्रभावित होगा। सभी महंत शासन की ओर से प्रस्तावित कैलाश कॉरिडोर और मंदिर क्षेत्र के सौंदर्यीकरण का समर्थन करते हैं, लेकिन मंदिर परिसर में नए व्यक्तिगत निर्माण की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यदि महंत गौरव गिरि मंदिर कैलाश परिसर की जगह कहीं और बनवाते हैं तो हम सभी लोग उनका सहयोग भी करेंगे। महंत निर्मल गिरि ने गौरव गिरि के धर्मशाला व यज्ञशाला पर कब्जे के आरोप को नकार दिया। उनका कहना है कि यह मंदिर के कार्यक्रमों में प्रयुक्त होते हैं।
अपने हिस्से की भूमि में बनवा रहा था मंदिर: महंत गौरव गिरि
उधर, महंत गौरव गिरि ने कहा कि कैलाश मंदिर की भूमि महादेव के नाम दर्ज है, लेकिन जिस स्थान पर 12 ज्योतिर्लिंग मंदिर का भूमि पूजन किया गया, वह उनके हिस्से की भूमि है। हालांकि मालिक तो कैलाश महादेव ही हैं। उन्होंने कहा कि वहां किसी निजी मकान का निर्माण नहीं कराया जा रहा था, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए 12 ज्योतिर्लिंग मंदिर बनवाया जा रहा था। इसे गलत तरीके से व्यक्तिगत निर्माण बताकर विवाद खड़ा किया गया। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर के लिए यदि भूमि की आवश्यकता है तो सभी अपनी-अपनी धर्मशालाएं और अपने हिस्से की भूमि दान करें। केवल एक व्यक्ति को निशाना बनाना उचित नहीं है। वह विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि कॉरिडोर निर्माण के लिए भवन हटाने की जरूरत पड़ी तो सबसे पहले वह अपने घर पर बुलडोजर चलवाने को तैयार हैं, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए।
यज्ञशाला और धर्मशाला पर महंत निर्मल गिरि का कब्जा
महंत गौरव गिरि ने महंत निर्मल गिरि पर भी कई आरोप लगाए। मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला और धर्मशाला पर पिछले दो वर्षों से ताला लगा हुआ है। उसकी चाबी भी महंत निर्मल गिरि के पास है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि मंदिर के बाहर बनी अधिकांश दुकानें भी निर्मल गिरि और उनके सहयोगियों के नियंत्रण में हैं।