आगरा किले में बृहस्पतिवार को विद्युत खंभे के पास करीब 6 फीट लंबा अजगर देख पर्यटक भयभीत हो गए। वाइल्ड लाइफ एसओएस को सूचना दी गई। टीम ने अजगर को रेस्क्यू कर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद वापस जंगल में छोड़ दिया।
परिसर में लगे लाइट पोल के पास अजगर देखा गया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत अधिकारियों को बताया। वाइल्डलाइफ एसओएस की रैपिड रिस्पांस यूनिट के दो सदस्य पहुंचे। अजगर के आसपास से पर्यटकों को दूर किया। इसके बाद अजगर को रेस्क्यू कर कपड़े के थैले में भर लिया। चिकित्सकीय परीक्षण में अजगर को स्वस्थ पाया गया।
इस नंबर पर दें सूचना
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने लोगों से आग्रह किया है कि किसी भी जंगली जानवर या जीव को मारें नहीं बल्कि हमारी क्विक रिस्पांस टीम को मोबाइल नंबर 9917109666 पर सूचित करें।
फाउंड्री नगर में भी दिखा
डायरेक्टर कंजरवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजूराज एमवी ने बताया अन्य घटना में, टीम ने आठ फीट लंबे अजगर को फाउंड्री नगर इलाके में स्थित एक डीजल इंजन और स्पेयर पार्ट्स निर्माण और निर्यात कारखाने से रेस्क्यू किया था। उसे भी जंगल में छोड़ दिया गया है।
विषैले नहीं होते भारतीय रॉक पायथन
वाइल्ड लाइफ एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि इंडियन रॉक पायथन (अजगर) एक गैर विषैले सांप की प्रजाति है। वे मुख्य रूप से छोटे जानवर, चमगादड़, पक्षियों, छछूंदर, हिरण और जंगली सूअर को अपना आहार बनाते हैं। आमतौर पर भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका के जंगलों में पाए जाते हैं। इस प्रजाति को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के तहत संरक्षित किया गया है।