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ताक पर रख दिए सुप्रीम कोर्ट के नियम, लाउड स्पीकर के शोर तले ताज पर पहुंचे पर्यटक

Fri, 14 Jun 2019 01:04 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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ताजमहल के प्रतिबंधित क्षेत्र में लगाए गए स्पीकरों के बीच निकलते पर्यटक - फोटो : अमर उजाला
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ताजमहल के प्रतिबंधित 500 मीटर दायरे में गंगा दशहरा मेला के नाम पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ा दी गईं। ताजमहल पूर्वी गेट पर 100 मीटर बैरियर पर ही हजारों वॉट साउंड के लाउड स्पीकरों को दीवार सरीखा बनाकर पूरे दिन बजाया गया, वहीं इसी बैरियर के पास खाली पड़ी जमीन पर डीजल जनरेटर से झूले चलाए गए। जनरेटर और लाउड स्पीकरों के शोर तले ताज आए पर्यटक परेशान रहे।
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ताजमहल पूर्वी गेट पर गंगा दशहरा मेले के आयोजन में पूर्वी गेट पर सड़क के किनारे तो दुकानें लगाई गई, वहीं दूसरी ओर हजारों वॉट के साउंड सिस्टम में लाउड स्पीकरों की पूरी दीवार सरीखी बना दी गई। 

गुरुवार को दिन भर मेले में लाउड स्पीकर से शोर मचता रहा। इसकी आवाज दशहरा घाट और पूर्वी गेट रोड पर जालमा परिसर तक सुनाई देती रही। बेहद तेज आवाज में चलाए गए लाउड स्पीकरों के कारण ताजगंज निवासियों और यहां से गुजर रहे पर्यटकों को कानफोड़ू शोर सहन नहीं हो सका। पूर्वी गेट पर 100 मीटर बैरियर से सटी खाली जमीन पर झूले भी डीजल जनरेटर से चलाए गए। 
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सुप्रीम कोर्ट का यह है आदेश सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल के 500 मीटर परिधि में किसी भी कंसर्ट या संगीत के आयोजन के लिए साउंड सिस्टम लगाने से पहले अध्ययन कराने और ध्वनि प्रदूषण के नियमों के तहत आवाज का स्तर रखने का आदेश दिया है, वहीं 500 मीटर परिधि में ही 1996 के एक आदेश में डीजल और पेट्रोल वाहनों तथा जनरेटर समेत अन्य गतिविधियों पर रोक लगा रखी है।
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