आगरा के शाहगंज की महिला चिकित्सक से रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी के केस में आरोपी सुधीर सिंह भदाैरिया की शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा में एडीजे-20 सत्यजीत गुप्ता की अदालत में पेशी हुई। वह 13 साल से फतेहगढ़ जेल में निरुद्ध है। अपहरण के केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से डिस्चार्ज के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। इस पर एडीजीसी ने आपत्ति की। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं में बहस हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुनवाई के लिए 11 फरवरी की तारीख तय की है। शाहगंज क्षेत्र की महिला चिकित्सक ने 16 मार्च 2022 को रंगदारी, जहरखुरानी, छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी और अपराधिक षड्यंत्र की धारा में केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि वह सुबह घर के पास पार्क में टहलने जाती थीं। वहां उनकी मुलाकात महेश की तलाकशुदा बहन ममता सिंह से हो गई। जान पहचान बढ़ने पर ममता ने उन्हें एक दिन अपने घर बुलाया।
वहां ममता ने अपने भाई और भाभी के साथ उन्हें एक दुखभरी कहानी सुनाई। इसके बाद सभी का घर आना-जाना हो गया। आरोपियों ने बातों ही बातों में उनसे उनकी प्रॉपर्टी के बारे में जानकारी कर ली। इसके बाद एक दिन उन्हें जन्मदिन की पार्टी में बुलाकर कुछ नशे का पदार्थ पिला दिया। बेहोश होने पर आपत्तिजनक फोटो खींच लिए। ब्लैकमेल कर धमकाना शुरू कर दिया। पांच लाख रुपयों की मांग की। ना देने पर उन्हें व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक फोटो भेजे।
इसके बाद भी रुपये न देने पर गौरी और महेश ने फोन कॉन्फ्रेंस कर जेल में बंद सुधीर सिंह भदौरिया से बात भी कराई। उसने उन्हें परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी। तब भी रुपये नहीं देने पर सुधीर ने एक बार उन्हें और फोन किया। कहा कि समझदारी चौथ देने में है। उस दौरान आरोपी फतेहगढ़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।
पुलिस दोपहर 2 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच सुधीर सिंह भदाैरिया को लेकर आई थी। एडीजे-20 की कोर्ट में पेश किया। जहां पर दोनों के अधिवक्ताओं ने अपना-अपना पक्ष रखा। केस में बहस के दाैरान आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि डिस्चार्ज किया जाए। इस पर एडीजीसी ने आपत्ति जताई।
ये हैं आरोप
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, थाना सिकंदरा क्षेत्र में वर्ष 2004 में सिपाही संतोष यादव की हत्या हुई थी। इसमें सुधीर सिंह भदाैरिया भी नामजद था। आरोपी राइफल लूटकर भागा था। लखनऊ में ज्वेलर्स की दुकान पर दिनदहाड़े डकैती डाली थी। अगस्त 2013 में खंडवा (मध्य प्रदेश) से प्रॉपर्टी डीलर राजेश जैन का अपहरण किया था। बाद में एनएचएआई का अधिकारी बनकर राजेश जैन को जाल में फंसाया था। शाहगंज थाने में उसका हिस्ट्रीशीट नंबर 74 ए भी है। उसे अपहरण के मामले में फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था। उसे अपहरण केस में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। फतेहगढ़ जेल में सजा काट रहा है।
चिकित्सक ने वीडियो किया था वायरल
महिला चिकित्सक दहशत में आ गई थी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की गुहार लगाई थी। सुनवाई नहीं होने पर वीडियो वायरल किया था। इसमें मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की थी।