मैनपुरी। कोरोना काल में शौचालयों का सत्यापन करने के लिए तैनात किए गए नोडल अधिकारी अपना काम भूल गए। दो महीने बीतने के बाद भी अब तक एक भी नोडल अधिकारी ने सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई।
जिले की 552 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शौचालयों का निर्माण कराया गया है। पहले जहां ग्राम निधि खाते से शौचालय बनवाए गए तो वहीं बाद में सीधे लाभार्थी के खाते में धनराशि भेजकर शौचालय बनवाए गए। इसमें बड़े पैमाने पर शौचालय अधूरे होने की शिकायतें मिल रही हैं। इसके चलते नोडल अधिकारियों के माध्यम से सत्यापन कराने का निर्णय लिया था। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह के आदेश पर जिले की 80 न्याय पंचायतों के सत्यापन के लिए 80 नोडल अधिकारी तैनात किए गए थे। मई में ये आदेश किया गया था, लेकिन अब तक एक भी नोडल अधिकारी ने अपनी सत्यापन रिपोर्ट नहीं दी।
हाईलाइटर
-09 हैं जिले में ब्लॉक
-80 हैं कुल न्याय पंचायतें
-552 हैं ग्राम पंचायतें
-80 बनाए गए हैं नोडल अधिकारी
पूर्व में सत्यापन में सभी पंचायतें हुई थीं फेल
बीते वर्ष भी ग्राम पंचायतों में बने शौचालयों का सत्यापन नोडल अधिकारियों के माध्यम से कराया गया था। इसमें पंचायतों की लापरवाही की पोल खुल गई थी। जिले की 552 ग्राम पंचायतों की सत्यापन रिपोर्ट में एक भी पंचायत में शौचालय पूर्ण नहीं मिले थे। इसके बाद ही दोबारा जांच के आदेश दिए गए थे।
नोडल अधिकारियों को सत्यापन रिपोर्ट देने के लिए रिमाइंडर (अनुस्मारक) भेजा जा रहा है। जल्द ही रिपोर्ट आना शुरू हो जाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - स्वामीदीन, डीपीआरओ।