दूसरे की जिंदगी बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल देना.... निहत्थे होते हुए भी हथियारों से लैस बदमाशों के छक्के छुड़ा देना... पानी में डूबते इंसान को बचा लाना...। ऐसे ही बहादुरों के ‘साहस’ को मंगलवार को पुलिस लाइन में सम्मानित किया जाएगा। इनमें पुलिस के जवान भी शामिल हैं। इनकी सूची 25 जनवरी की शाम जारी की गई।
पुलिस की ओर से पांच नाम हैं। रकाबगंज के कांस्टेबल रविन्द्र गौतम ने 15 जनवरी को गुजरात पुलिस के साथ मिलकर अपहृत छात्र अबुजर की सकुशल बरामदगी में अहम भूमिका निभाई। अछनेरा के कांस्टेबल सत्यवीर सिंह ने सेंगरा ताल में डूब रहे बच्चों को बचाया। सर्विलांस सेल के कांस्टेबल प्रमोद सिंह अनेक सिंह सिकरवार हत्याकांड में ठोस सुराग दिया, जिससे सही खुलासा हो सका। रेडियो शाखा के अखिलेश गौतम और सुनील कुमार गौतम ने 21 जुलाई 2015 को घेराबंदी कराकर चेन लुटेरे पकड़वाए थे। इनके अलावा सात लोग भी चुने गए हैं।
1. नाजिया :
सदर भट्टी के मोहम्मद कदीर की बेटी और फतिमा गर्ल्स इंटर कॉलेज की 11 की छात्रा है।
सात जुलाई 2015 को चौराहा मीरा हुसैनी से बच्ची डिम्पी को अपहरण कर ले जाते बदमाशों से छुड़ाया।
2. कमला देवी
किजौरी घाट, बल्देव ( मथुरा) की रहने वाली हैं।
21 जुलाई 2015 को मारुति एस्टेट चौराहा पर अपने देवर सुंदर की मदद से चेन लुटेरे पकड़कर पुलिस को सौंपे। अपनी लुटी चेन और कैश बरामद किया।
3. अनिल गुप्ता
पृथ्वीनाथ फाटक के रहने वाले हैं। यहीं पर बेड़ई का ठेला लगाते हैं।
14 जनवरी को सराफ संजय वर्मा की हत्या कर भागते दो बदमाशों को जान पर खेलकर पकड़ा। इसमें पृथ्वीनाथ फाटक के ही रामवीर ने मदद की।
4. डालचंद
गांव महुअर, किरावली के बदन सिंह के पुत्र हैं।
27 मई 2015 को महिला को गोली मारकर भागते बदमाश को गोपऊनहर हाईवे पर पकड़ा था।
5. तुलाराम
गांव मलहन टूला, पिनाहट के निवासी हैं।
15 नवंबर 2015 को चंबल नदी में डूब रही पिनाहट की चरन देवी की जान बचाई।
6. रिंकू
पंजा मदरसा गुदड़ी खां, छत्ता निवासी महेश के पुत्र हैं।
कई बार पानी में डूबते लोगों की जान बचाई है।
जोनल आफिसर को सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक
अभिसूचना विभाग के जोनल आफिसर डीएसपी उदय प्रताप सिंह को सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक देने की घोषणा की गई है। उदय प्रताप सिंह आगरा में अक्तूबर 2015 से तैनात हैं।