आगरा में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। शनिवार को ताजनगरी में 12 नए मरीज मिले हैं। अब सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 91 पहुंच गई है। जनपद में कुल 10656 कुल संक्रमितों की संख्या हो गई है। वहीं 10389 मरीज डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। आगरा में संक्रमण से अब तक 176 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं रिकवरी रेट भी अब घटकर 97.49 फीसद हो गया है। जनपद में 61,7300 सैंपल टेस्ट हो चुके हैं। नए मरीज बसई ताजगंज, नई आबादी बसई खुर्द, किदवई पार्क राजा की मंडी, लाजपत नगर, प्रोफेसर कॉलोनी, पुरानी विजय नगर कॉलोनी, सुभाष नगर अल्वतिया रोड, अछनेरा और किरावली में मिले हैं।
दक्षिण अफ्रीका स्ट्रेन के तीन, अज्ञात स्ट्रेन का एक मरीज मिला
गौरतलब है कि ताजनगरी के चार मरीजों में दो नए स्ट्रेन का वायरस मिला। तीन में दक्षिण अफ्रीका स्ट्रेन और एक में अज्ञात नया स्ट्रेन है। यह अज्ञात स्ट्रेन सबसे खतरनाक बताया गया है। चिकित्सा विज्ञानी इसका अध्ययन कर रहे हैं। राहत की बात है कि ये चारों मरीज ठीक हो चुके हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती अग्रवाल ने बताया कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर में स्ट्रेन के बारे में पता करने के लिए बीते सप्ताह सात 12 साल के बच्चे से लेकर 59 साल के बुजुर्ग सहित सात नमूने केजीएमयू लखनऊ भेजे थे।
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इनमें से 12 साल के बच्चे समेत तीन में दक्षिण अफ्रीका स्ट्रेन (एन501वाई, ई484के) और एक मरीज में वायरस के नए स्ट्रेन का पता चला है। नया स्ट्रेन कहां से सक्रिय हुआ है और कितना खतरनाक है। इसका अध्ययन चल रहा है। इसकी जानकारी भरकर आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) को भी भेजी है। तीन की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
आगरा में अब तक मिले वायरस के स्ट्रेन
- भारतीय स्ट्रेन : 2020 मार्च से मिले मरीजों में कोरोना का भारतीय स्ट्रेन है। इसके इलाज का प्रोटोकॉल भी सफल रहा है। इसी स्ट्रेन पर टीका भी बनाया है, जो कारगर साबित हो रहा है।
- दक्षिण अफ्रीका स्ट्रेन : पहला मरीज जनवरी में मिला, यह भारतीय स्ट्रेन के मुकाबले दोगुुनी तेजी से लोगों को संक्रमित करता है। इसके इलाज का प्रोटोकॉल भारतीय स्ट्रेन के जैसा ही है।
अज्ञात स्ट्रेन : यह शातिर है और अपने स्पाइक प्रोटीन को बदलने में माहिर है। इस पर अभी लग रही वैक्सीन के असर और संक्रमण की गति पर अध्ययन चल रहा है।
इनमें मिला दक्षिण अफ्रीका स्ट्रेन
- 26 साल की युवती : कमला नगर निवासी है जनवरी में दक्षिण अफ्रीका की यात्रा कर लौटी थी। बुखार होने पर जांच कराई, अस्पताल में भर्ती हुई, ठीक हो चुकी है।
- 12 साल का बच्चा : शाहगंज क्षेत्र का है, पेट की बीमारी से ग्रसित है। दिल्ली डॉक्टर को दिखाने से पहले एक मार्च को जांच कराई थी, कोई लक्षण नहीं था।
- 55 साल के बैंककर्मी : बोदला क्षेत्र के रहने वाले हैं, बैंक में क्लर्क हैं। गले में खराश होने पर फरवरी में जांच कराई थी। होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गए।
अज्ञात स्ट्रेन वाला मरीज दुबई की यात्रा करके लौटा था
ट्रांसयमुना कॉलोनी क्षेत्र का 30 साल का युवक नौ जनवरी से 17 फरवरी तक दुबई रहा। इनका पर्यटन का व्यवसाय है। दुबई से लौटने पर गले में खराश और हल्का बुखार आने पर जांच कराई। इसमें अज्ञात स्ट्रेन मिला है। होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गए।
मास्क, सामाजिक दूरी और टीकाकरण जरूरी
माइक्रो बायलॉजी विभाग के डॉ. संजीव चौधरी ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। मास्क और टीकाकरण से बचा जा सकता है। सामाजिक दूूरी रखें, भीड़ में जाने से बचें और बिना हाथों को सैनिटाइज किए आंख, नाक, मुंह को न छुएं। हाथों को साफ करके ही खाएं-पीएं।