आगरा में गुरुवार को कोरोना संक्रमण से पीड़ित एक मरीज ने दम तोड़ दिया। जिले में यह 175वीं मौत है। दो नए मरीज भी मिले हैं। इससे कुल संक्रमितों का आंकड़ा 10552 पर पहुंच गया, जिनमें 10364 ठीक हो चुके हैं। 13 मरीज उपचारधीन हैं। 5.83 लाख से अधिक लोगों की जांच हो चुकी है।
टुंडपुरा देवरी रोड निवासी 27 वर्षीय तपेदिक (टीबी) महिला मरीज ने कोरोना संक्रमित होने के बाद गुरुवार को दम तोड़ दिया। जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह के मुताबिक मरीज के फेफड़ों में संक्रमण था। वह पहले से ही एमडीआर टीबी रोगी थी। दो नए मरीज भी मिले हैं।
दिसंबर में बदली थी कहानी
दिसंबर में आगरा मॉडल सफल हो गया। इसे अन्य जिलों में लागू किया गया। कारण यह था कि दिसंबर से संक्रमण की दर तेजी से घटी। इसका एक कारण होम आइसोलेशन भी रहा। होम आइसोलेशन में 6502 मरीज भर्ती रहे और ठीक हुए। इनमें से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई।
ऐसे बनीं चेन
1. पहली चेन मार्च 2020 में विदेश से लौटे लोगों की बनी।
2. दूसरी चेन जमात से लौटे लोगों की थी, यह अप्रैल में बनी थी।
3. तीसरी चेन अप्रैल-मई में बनी, यह स्वास्थ्यकर्मियों की थी।
4. चौथी चेन मई और जून में सामने आई, यह चिकित्सकों की थी।
5. पांचवीं चेन पुलिसकर्मियों की थी, यह जून और जुलाई में बनी।
6. छठी चेन थी सब्जी वालों और दूध वालों की, ये जून से अगस्त में बनी।
7. सातवीं चेन मेडिकल स्टोर संचालकों की थी, यह अगस्त से अक्तूबर तक रही।
8. आठवीं और आखिरी चेन अक्तूबर और नवंबर में बनी, यह व्यापारियों की थी।