लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस गाड़ियों में अब सबसे वरिष्ठ टिकट निरीक्षक को ट्रेन कैप्टन बनाया जाएगा। ट्रेन में किसी भी तरह की शिकायत का समाधान कराने की जिम्मेदारी कैप्टन की होगी।
रेलवे वरिष्ठ टिकट निरीक्षक को कैप्टन का बैज भी देगा ताकि यात्री उसे पहचान सकें। अमूमन ट्रेनों में सफर के दौरान एसी की कूलिंग बंद होने, पानी खत्म होने जैसी समस्याएं आती हैं।
रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों में यात्रा के दौरान आने वाली समस्याओं और शिकायतों को सुलझाने का जिम्मा अब ट्रेन कैप्टन को देने का फैसला किया है। कैप्टन ट्रेन में चलने वाले सबसे वरिष्ठ टिकट निरीक्षक को बनाया जाएगा।
राजधानी, दूरंतो, शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में ट्रेन सुपरिटेंडेंट या ट्रेन कैप्टन तैनात होंगे। ट्रेन में चलने वाले कैटरिंग स्टाफ, इलेक्ट्रिक, एसएंडटी, मैकेनिकल स्टाफ की जवाबदेही ट्रेन कैप्टन के प्रति होगी।