आवंटियों को बुधवार को स्थल वार राजस्व शुल्क व बैंक चालान जमा कराना होगा। जिसके बाद उन्हें अनुमति पत्र मिलेगा। एडीएम सिटी अंजनी कुमार ने बताया कि अग्निशमन, विद्युत एवं पानी की व्यवस्था आवंटियों को स्वयं करनी होगी। हरित पटाखों की बिक्री मात्रा भी तय है। तय मात्रा से अधिक विस्फोटक सामिग्री दुकानों पर नहीं रखी जाएगी।
यहां सजेंगे पटाखा बाजार
| स्थान |
दुकानें की संख्या |
आवेदन |
| कोठी मीना बाजार |
72 |
452 |
| जीआईसी मैदान |
12 |
111 |
| सेक्टर 11 पार्क |
60 |
109 |
| बैप्टिस्ट स्कूल मैदान |
03 |
12 |
| कंपनी गार्डन मैदान |
12 |
255 |
| तालाब किनारे रुनकता |
10 |
02 |
| सेक्टर- 15 का मैदान |
20 |
113 |
| शक्ति नगर का मैदान |
10 |
66 |
| अब्बूलाला दरगाह मैदान |
10 |
413 |
ये हैं नियम-कायदे
- आवंटी को 10 फुट की दुकान स्वयं बनानी होगी।
- एक दुकान से दूसरी की दूरी 10 फुट रखनी होगी।
- अग्निशमन, पार्किंग, विद्युत व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
- दुकान में 50 किग्रा. पटाखे व 50 किग्रा. फुलझड़ी रखेंगे।
- जिसे दुकान आवंटित होगी, वही बिक्री कर सकेगा।
- हरित पटाखे ही बिकेंगे, अन्य बिक्री पर एफआईआर होगी।
- शर्तों के उल्लंघन पर अस्थाई लाइसेंस निरस्त हो जाएगा।
अवैध पटाखों से भरे गोदाम
बिचपुरी रोड पर अवैध पटाखों से गोदाम भरे हुए हैं। हरित पटाखों की आड़ में इन्हें बेचने की तैयारी है। अत्यधिक धुआं व जहरीली गैस छोड़ने वाले इन पटाखों की जांच पर अफसरों ने आंख मूंद रखी है। यह स्थिति तब है जब पिछले साल शाहगंज स्थित पटाखा गोदाम में अग्निकांड में दो लोगों की मौत हो चुकी है।
कानपुर में विकास दुबे कांड के बाद शासन ने विस्फोटक गोदामों के सत्यापन के निर्देश दिए थे, लेकिन तीन साल में प्रशासन ने जांच नहीं कराई। जिलाधिकारी नवनीत चहल का कहना है कि विस्फोटक गोदामों की दिवाली से पहले जांच कराई जाएगी।