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बचाव को कृषि विभाग के साथ आगे आएंगे अग्रिशमन विभाग और निकाय

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कासगंज। टिड्डी दल के आगमन की आशंका के मद्देनजर कृषि विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। इसे रोकने के लिए कृषि विभाग के साथ ही अन्य विभागों का सहयोग लिया जा रहा है। हांलाकि जिन जिलों में टिड्डी दल पहुंच रहा है वहां बचाव के लिए भारत सरकार की टीम साथ चल रही है। स्थानीय स्तर पर भी प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है।
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राजस्थान की ओर से टिड्डी दल के आगरा, एटा, कासगंज की ओर बढ़ने की संभावना है। इसको लेकर कृषि विभाग ने तैयारियां कर ली हैं। डीएम सीपी सिंह ने जिला कृषि अधिकारी से अब तक की तैयारियों के बारे में जानकारी ली है। स्थानीय स्तर पर डीएम ने कृषि विभाग के सहयोग के लिए अग्निशमन विभाग व सभी निकायों को लगाया है।
निर्देश दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर तत्काल कृषि विभाग का आपेक्षित सहयोग करें। पानी के टैंकर और दमकल वाहनों को दुरुस्त रखें। ताकि दल के आने की संभावना पर तत्काल दवाओं का छिड़काव किया जा सके।
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टिड्डी दल से बचाव को यह करें उपाय
- टिड्डी दल को थाली, ढोल, नगाड़े या लाउडस्पीकर की तेज आवाज से खेत से भगाया जा सकता है।
- टिड्डी दल सुबह 10 बजे के बाद खेत पर डेरा डालता है। इन्हें रोकने के लिए किसान 5 फीसदी मैलाथियान और 1.5 फीसदी क्विनालफास का छिड़काव करें।
- 40 मिली मीटर नीम के तेल को 10 ग्राम कपड़े धोने के पाउडर के साथ 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने से टिड्डी फसलों को नुकसान नहीं पहुंचाती है।
- टिड्डी दल मिट्टी में अंडे देता है। किसान खेतों की गहरी जोताई कर सिंचाई कर दें। इससे दल के प्रकोप की आशंका कम होगी।
टिड्डी कीट दल समूह में झुंड के रूप में एक स्थान से दूसरे स्थान पर अचानक आ जाती हैं। इसके 1 किलोमीटर क्षेत्र के झुंड में लगभग 400 लाख टिड्डी होती हैं। किसानों को वृहद स्तर पर सावधानी बरतनी है।- डा. एके सिंह, वैज्ञानिक, केवीके।
- जिलाधिकारी ने अग्निशमन विभाग और निकायों को अपेक्षित सहयोग के निर्देश दे दिए हैं। जरूरत पड़ने पर इन विभागों का सहयोग लिया जा सकता है। पूरी तरह अलर्ट है।- सुमित चौहान, जिला कृषि अधिकारी।
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