आगरा में ढाई महीने के बाद शुक्रवार को रेलवे स्टेशनों पर टिकट बुकिंग खिड़कियां खोली गईं तो 77 लोग पहुंचे। आगरा कैंट, आगरा फोर्ट, राजा की मंडी स्टेशनों पर रिजर्वेशन कराने वालों में अधिकांश लोग वह हैं, जोकि लॉकडाउन में फंस गए हैं। इन्हीं में से एक युवक ने बताया कि मां बीमार है अब उन्हें देखने जा पाऊंगा।
आगरा के रेलवे स्टेशनों पर शुक्रवार को सुबह 10 से शाम आठ बजे तक रिजर्वेशन काउंटर खोले गए। 200 स्लीपर और मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में रिजर्वेशन कराने वालों की संख्या बहुत ज्यादा नहीं रही।
आगरा कैंट के पीआरएस पर 36, आगरा फोर्ट स्टेशन पर 20 और राजा मंडी स्टेशन पर 21 रिजर्वेशन हुए। इनमें ज्यादातर सफर करने वाले लोगों में हैदराबाद, चेन्नई, बंगलुरु, भोपाल और झांसी की ओर जाने वाली गाड़ियों के यात्री हैं।
दूसरी ओर, मथुरा जंक्शन पर 32 टिकट बुक करवाए गए। डीसीएम ने बताया कि रविवार को सुबह आठ से दो बजे तक ही रिजर्वेशन कराए जा सकेंगे।
बुकिंग से ज्यादा रिफंड कराने वाले पहुंचे, मायूस लौटे
स्टेशनों पर टिकटों की बुकिंग कराने वालों से ज्यादा लोग टिकट का रिफंड कराने पहुंचे, लेकिन काउंटरों पर रिफंड करने के लिए धनराशि ही नहीं थी। ऐसे में बुकिंग लिपिकों ने रिफंड करने में असमर्थता जता दी। इसे लेकर लोगों की बहस भी हुई।
यह हाल तीनों स्टेशनों पर देखने को मिला। यहां पर कमला नगर के राजेश अरोरा ने बताया कि रिफंड लेने आए थे, लौटा दिया। आगरा रेल मंडल के वाणिज्य प्रबंधक एसके श्रीवास्तव ने बताया कि 25 मई से टिकटों का रिफंड किया जाएगा।
ढाई महीने से नहीं गया घर
आगरा में निजी कंपनी में जॉब करता हूं। यहां लॉकडाउन के कारण ढाई महीने से घर नहीं जा सका हूं। इस दौरान मां की तबीयत खराब हो गई। अब उन्हें देखने के लिए रिजर्वेशन करवाया है - धर्मवीर सिंह, नीति बाग
बच्चे हैदराबाद में फंसे हैं, लेने जाना है
कमला नगर निवासी सुधीर कुमार ने बताया कि बच्चे लाकडाउन में हैदराबाद में रिश्तेदारी में फंसे हुए हैं। उन्हें लेने के लिए जाना है। इसलिए हैदराबाद तक की यात्रा का टिकट लिया है। अब ट्रेन चलने पर बच्चों से मिल सकूंगा।