आगरा में एक महीने के अंदर फिर से आए तूफान और बारिश ने तबाही मचा दी। 132 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आए तूफान ने इस बार 24 लोगों की जान ले ली।
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करीब 90 मिनट तक आंधी, बारिश और ओलों की मार के कारण सैकड़ों पेड़ और होर्डिंग गिर पड़े, जबकि देहात में कई मकानों की छत उड़ गई। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को भी आंधी के आसार बने रहेंगे।
बुधवार शाम को बादलों की लुकाछिपी शुरू हुई, लेकिन रात 8.30 बजे काले बादल घिर आए और तेज धूल भरी आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। गरज चमक के साथ कई जगह बिजली गिरी तो इसके बाद कुछ जगहों पर ओले भी पड़े।
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आंधी और तूफान में 24 की मौत
आंधी और तूफान
- फोटो : अमर उजाला
तूफान से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में 24 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 13 लोग खेरागढ़ क्षेत्र में मर गए। जबकि आगरा शहर में दो, सैया में 4, फतेहाबाद और बाह में 2-2, कागरोल में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
फतेहपुर सीकरी, अछनेरा, किरावली के गांवों में ओले बरसे। फतेहाबाद, बाह, पिनाहट, शमशाबाद, मलपुरा की ओर आंधी की रफ्तार ज्यादा रही। एयरफोर्स परिसर में 45 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
शहर में सैकड़ों पेड़ और होर्डिंग गिर पड़े। 11 अप्रैल को आए तूफान में जो पेड़ कमजोर पड़ गए थे, वे गिर पड़े। ताजमहल सहित स्मारकों में गुरुवार सुबह निरीक्षण करके पता किया जाएगा कि इस बार आंधी तूफान में कितना नुकसान पहुंचा है।
अगले दो दिन में तूफान के आसार
आंधी और तूफान
- फोटो : अमर उजाला
आंधी और तेज बारिश के कारण शहर में मैरिज होम और शादी के लिए लगाए गए विशेष शामियानों को नुकसान पहुंचा। जिस समय आंधी आई, विवाह समारोह में सबसे ज्यादा भीड़ उसी दौरान ही थी।
तेज आंधी और बारिश के कारण लोग मैरिज होम के हॉल में पहुंचे। कई मैरिज होम में पंडाल उड़ गया तो कई जगह खाने के स्टॉल गिर गए। फतेहाबाद रोड के तीन मैरिज होम में पेड़ गिर गए।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले दो दिनों में धूल भरी आंधी के आसार हैं। गुरुवार सुबह तापमान कम रह सकता है, लेकिन दोपहर में तापमान में बढ़ोतरी के आसार रहेंगे। शाम को धूल भरी हवा चल सकती है।
बीते माह 11 अप्रैल को आई आंधी तूफान में ताजमहल समेत कई स्मारकों को नुकसान पहुंचा था। ताजमहल के रॉयल गेट, दक्षिणी गेट, सरहिंदी बेगम मकबरे, सहेली बुर्ज के गुलदस्ता पिलर गिर पड़े और रॉयल गेट पर गुंबद का कलश टेढ़ा पड़ गया था।
पिलर नीचे गिरने से रॉयल गेट का फर्श और दिव्यांगों के लिए बनाई गई रैंप टूट गई। ताजमहल की मरम्मत पर 50 लाख रुपये खर्च होंगे। आगरा किला में दस लाख, फतेहपुर सीकरी में पांच और जामा मस्जिद में ढाई लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
सभी स्मारकों में करीब 70 लाख रुपये की मरम्मत का प्रस्ताव एएसआई महानिदेशक को भेजा गया है। ताजमहल की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक जहां नए पत्थरों की जरूरत होगी, केवल वहीं नए पत्थर लगेंगे।