आगरा जिले में शुक्रवार शाम को आई आंधी-बारिश ने एक बार फिर किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज आंधी से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में काटकर रखी फसल को भी क्षति पहुंची है। बाह के तकरीबन 60 गांवों की बिजली भी गुल हो गई है। सरसों का भूसा भी आंधी में उड़ गया। गांवों में टिन, छप्पर भी उड़ गए। शहर में भी आंधी बारिश से होर्डिंग, विद्युत पोल और पेड़ गिरे।
बाह क्षेत्र में आंधी में खेतों में कटी पड़ी गेंहू की फसल और सरसों की तूरी (भूसा) उड़ गया। जैतपुर के कुलदीप भदौरिया, बाघराजपुरा के पवन भदौरिया, धनियापुरा के जयराम सिंह, चांगोली के राकेश भदौरिया ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात बारिश से हुए नुकसान के बाद शुक्रवार को चली आंधी में भूसा और कटी हुई फसल उड़ गई है। बाह, जरार, भदरौली, बटेश्वर, जैतपुर में टिन शेड, छप्पर और होर्डिंग उड़ गए।
वहीं बाह, जरार, भदरौली, जैतपुर, खेडा राठौर, अभयपुरा, बटेश्वर आदि बिजलीघर क्षेत्रों के कई फीडरों में ब्रेक डाउन रहा। जिसकी वजह से बाह जैतपुर ब्लॉक के 60 गांव अंधेरे में डूब गए हैं। बिजली की लाइनों के तार टूटने आदि से आपूर्ति प्रभावित है। फतेहपुर सीकरी में आंधी के साथ हुई बारिश से दर्जनों गांव में पकी खड़ी गेहूं की फसल में भारी नुकसान है।
बता दें कि खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पक कर तैयार हो चुकी है, कहीं-कहीं तो कटाई का भी नंबर लग चुका है। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की बाली भी बेकार हो गई। मलपुरा क्षेत्र के गांव बाद, ककुआ भांडई, कुठाबलि, लाडम, मलपुरा, इटौरा, सिरौली, टपरा, नगला कारे, जारुआ कटरा, मनकेंडा,खलौआ आदि गांव में गेहूं किसानों को नुकसान होने की आशंका है। कागारौल और खेरागढ़ में भी गेहूं की फसल में नुकसान हुआ है। कई जगह पेड़ भी गिर गए हैं।
फतेहाबाद क्षेत्र के ग्राम बिलईपुरा, नीचा खेड़ा, पोखरिया, वरना ,तरौली ,प्रतापपुरा ,जगराजपुर समेत तमाम गांव में गेहूं की कटी हुई फसल पूरी तरह भीग गई है। साथ ही जो फसल अभी खेतों में खड़ी थी, वह हवा के चलते जमीन पर गिर गई है। क्षेत्र पंचायत सदस्य शिवराम वर्मा ने बताया कि बेमौसम बारिश के बाद गेहूं की फसल नष्ट होने के कगार पर पहुंच चुकी है।