मृतक शिवम और विशाल के फोटो
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तीनों एक साथ दौड़ लगाने के लिए जाते थे। मंगलवार को भी तीनों दोस्त दौड़ लगाने के लिए निकले थे। सुबह करीब साढ़े पांच बजे पशु अस्पताल के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने तीनों को रौंद दिया।
हादसे में शिवम और विशाल की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं देवेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की जानकारी होने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही घायल युवक को पीएचसी भिजवाया।
पुलिस ने परिजनों के आने से पहले ही दोनों शवों को ट्रैक्टर ट्राली में रखवा दिया। इससे परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। करीब साढ़े छह बजे ग्रामीणों ने ग्वालियर-बरेली हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया।
मौके पर पहुंचे एसडीएम अशोक प्रताप और पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर करीब आधा घंटे बाद जाम खुलवा लिया। हालांकि भीड़ के कारण मार्ग पर आवागमन नहीं हो सका।
हादसे के बाद हाईवे पर जाम में फंसे वाहन
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सुबह साढ़े आठ बजे मृतकों के गांव से आई भीड़ ने सती मंदिर से लेकर आईटीआई कॉलेज तक सात सौ मीटर क्षेत्र में पांच जगह सड़क किनारे बिजली के खंभे और कांटे डालकर जाम लगा दिया। कुछ लोगों ने रामनगर रोड पर भी जाम लगाया।
ग्रामीण आलाअफसरों को मौके पर बुलाने, परिजनों को मुआवजा दिलाने और ट्रक और चालक को पकड़े जाने की मांग कर रहे थे। इस बीच एसडीएम और ग्रामीणों के बीच कई बार वार्ता हुई, लेकिन ग्रामीण जाम खोलने को तैयार नहीं हुए। करीब साढ़े नौ बजे एसडीएम के आश्वासन के बाद जाम खुला।
हादसे के कारण ग्वालियर-बरेली हाईवे पर सुबह साढ़े पांच बजे से लेकर साढ़े नौ बजे तक चार घंटे तक यातायात पूरी तरह से बाधित रहा। पुलिस ने रूट डायवर्ट करके वाहनों को गुजारा। मौके पर सीओ प्रयांक जैन, कुसमरा, एलाऊ, बेबर, कुर्रा थाना पुलिस व क्यूआरटी टीम के साथ मौजूद रहे।