तीनों मजदूर गांव में काम करने आए थे, लेकिन इससे पहले ही नदी में नहाने पहुंच गए। इस दाैरान गहरे पानी में जाने से तीनों डूबने लगे। माैके पर मछुआरों ने दो को बचा लिया।
आगरा के फतेहाबाद में रविवार सुबह तीन मजदूर उटंगन नदी में नहाते समय डूब गए। स्थानीय मछुआरों की सतर्कता से दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गय। सूचना मिलते ही पुलिस व गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंच गई। तीन घंटे बाद लापता युवक को नदी से बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया।
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फतेहाबाद कस्बे के मोहल्ला जाटवान कलां निवासी मोनू (25 वर्ष) पुत्र लखमीचंद, उसका भतीजा मनीष (17 वर्ष) पुत्र बॉबी और मामा लखना (26 वर्ष) पुत्र कालीचरण रविवार को गांव सिलावली में सरकारी पानी की टंकियों पर मजदूरी करने आए थे।
काम करने से पहले तीनों बाइक से पास के रिहावली गांव के नीचे बह रही उटंगन नदी में नहाने चले गए। नहाते समय तीनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। मौके पर मौजूद मछुआरों ने तत्परता दिखाते हुए मनीष और लखना को बचा लिया, लेकिन मोनू का कुछ पता नहीं चल सका।
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घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण व फतेहाबाद पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में लापता युवक की तलाश की गई। तीन घंटे बाद मोनू को नदी से बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक युवक की माैत हो चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान गहराई और तेज बहाव के कारण अक्सर खतरनाक साबित होता है, बावजूद इसके सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।