आगरा। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के फोर्ट डिपो में जेनरेटर बिल सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल हुआ है। इससे परिवहन निगम में खलबली मच गई है। मामले में एक लिपिक को निलंबित कर दिया गया जबकि फोरमैन के खिलाफ आरोपों की जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
फोर्ट डिपो में अनुबंधित जेनरेटर के बिलों के भुगतान के दौरान फर्म प्रतिनिधि ने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक शशि रानी से शिकायत की। आरोप लगाया कि बिल पास करने के नाम पर फोन कर 5000 रुपये की मांग की गई, जिसमें 3000 सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के और 2000 संबंधित कार्यालय के कर्मचारी ने अपने नाम पर बताए। इसके अलावा रामवीर सिंह जो वर्तमान में कार्यालय में लिपिक है, 1000 रुपये उसने अपने बताए।
इस तरह 6000 रुपये के लेन-देन से जुड़ी ऑडियो-वीडियो क्लिप व्हाट्सएप के माध्यम से सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को उपलब्ध कराई गई। आगरा फोर्ट डिपो की सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक शशि रानी ने बताया कि प्रकरण सामने आने पर लिपिक रामवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया। वहीं वर्कशाॅप के फोरमैन केके सिंह के विरुद्ध लगे आरोपों को गंभीर मानते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
फोर्ट डिपो में अनुबंधित जेनरेटर लगाए गए हैं। जेनरेटर फर्म के प्रतिनिधि शिवम दुबे ने दो ऑडियो, वीडियो क्लिप एआरएम को उपलब्ध कराईं थी। इनमें जेनरेटर बिल पास कराने के लिए एआरएम के नाम से तीन हजार रुपये मांगे जाने की पुष्टि ऑडियो से हुई है।