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UP: उमस भरी गर्मी में छांव तलाश रहे सांप-गोह, एक दिन में तीन सरीसृप किए गए रेस्क्यू; जंगल में छोड़े

Sat, 20 Jun 2026 09:59 AM IST
आगरा ब्यूरो अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

भीषण गर्मी के कारण वन्यजीव छाया और ठंडक की तलाश में शहर के असामान्य स्थानों तक पहुंच रहे हैं। आगरा में एक ही दिन में कॉलेज परिसर, स्कूटी और एक घर से एक रैट स्नेक और दो बंगाल मॉनिटर लिजर्ड का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
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गर्मी के कारण निकला रहे सरीसृपो को पकड़ते वाइल्ड लाइफ एस ओ एस के सदस्य।  - फोटो : अमित कुमार कुलश्रेष्ठ
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विस्तार
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 उमस भरी गर्मी में सरीसृप छांव तलाश रहे हैं। सेंट पीटर्स कॉलेज परिसर में पानी की टंकी के पास ठंडक में बैठे इंडियन रैट स्नेक, कॉलोनी और रिटायर्ड जज के घर से दो मॉनिटर लिजर्ड (गोह) को वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने पकड़कर जंगल में छोड़ दिया।
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वाइल्डलाइफ एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट ने सेंट पीटर्स कॉलेज के स्टाफ की सूचना पर पानी की टंकी के पास रैट स्नेक को सुरक्षित निकाला। जांच के बाद स्वस्थ पाए जाने पर सांप को जंगल में छोड़ दिया। कॉलोनी में गर्मी से बचने के लिए एक मॉनिटर लिजर्ड स्कूटी में छिप गई। मैकेनिक स्कूटी के पास जाने और निकालने के लिए तैयार न हुआ तो एसओएस की टीम ने सावधानी से उसे खोकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। रिटायर्ड जज के घर पर भी एक बंगाल मॉनिटर लिजर्ड ने छांव में पनाह ले रखी थी। रेस्क्यू टीम ने उसे पकड़ा और जंगल में छोड़ दिया।

जहरीला नहीं है रैट स्नेक
एसओएस के निदेशक बैजूराज ने बताया कि इंडियन रैट स्नेक और बंगाल मॉनिटर लिजर्ड, दोनों ही वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची 1 के तहत संरक्षित हैं। रैट स्नेक जहरीला सांप नहीं है। यह खेती-बाड़ी वाले इलाकों और शहरों में चूहों की आबादी को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है। मॉनिटर लिजर्ड को कम होते जंगल और गैर-कानूनी व्यापार से बढ़ते खतरों का सामना करना पड़ रहा है। लोग इनसे बेवजह डरते हैं। यह गलतफहमी दूर होनी चाहिए।
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