चंदौसी का मोंटी खरीदता है गांजा
राहुल ने बताया कि वो कल्पेंद्र चाहर उर्फ केडी के साथ विशाखापट्टनम से गांजा की तस्करी करता है। आगरा लाकर मोंटी उर्फ फैजान को बेच देते हैं। मोंटी अपने साथी सलमान और रहमान को गांजा लेने भेजता है। माल तभी दिया जाता है जब रकम मिल जाती है। सलमान और रहमान गांजा लेने आए थे, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया।
होटल में फर्जी आधार कार्ड से रुकते थे आरोपी
राहुल ने पुलिस को बताया कि विशाखापट्टनम से गांजा लेने जाने और आने के दौरान फर्जी आधार कार्ड और आरपीएफ सिपाही का कार्ड रखते थे। फर्जी आधार कार्ड की सहायता से होटल में रुकते थे। पुलिस के पकड़ने पर आधार कार्ड दिखाते और बच निकलते।
चंदौसी, मुरादाबाद और रामपुर तक करते हैं बिक्री
रहमान और सलमान ने बताया कि वह आगरा से गांजा चंदौसी लेकर जाते और मोंटी उर्फ फैजान को देते थे। वो लोग चंदौसी के अलावा मुरादाबाद, रामपुर में गांजा फुटकर में बेच देते हैं। विशाखापट्टनम से तीन से चार हजार रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से आने वाला गांजा उन्हें सात से आठ हजार रुपये प्रति किलोग्राम में मिलता है। उसे दो और तीन गुनी कीमत पर फुटकर में बेच दिया जाता है। कई और आरोपियों के नामों के बारे में पुलिस को पता चला है।
ताजनगरी में लगातार आ रहे मामले
ताजनगरी गांजा की तस्करी का गढ़ बनती जा रही है। रविवार को पुलिस ने मलपुरा में एक ट्रक पकड़ा था। उससे एक करोड़ का गांजा बरामद किया गया था, लेेकिन आरोपी नहीं पकड़े जा सके। इसके अलावा ताजगंज, सिकंदरा में भी गांजा की तस्करी पकड़ी जा चुकी है। बड़े तस्कर पुलिस के हाथ नहीं आ रहे हैं।