आगरा। नो एंट्री में भारी वाहनों को प्रवेश देकर वसूली करने के आरोप में डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार ने शनिवार को टीएसआई शिवशंकर सिंह, हेड कांस्टेबल मोहम्मद खान और सिपाही जितेंद्र सिंह धाकड़ को निलंबित कर दिया। दो होमगार्डों पर कार्रवाई के लिए जिला कमांडेंट को पत्र लिखा गया है। मामले की जांच एसीपी ट्रैफिक रामप्रवेश गुप्ता को दी गई है। शुक्रवार को एक व्यक्ति ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर पुलिस आयुक्त से शिकायत की थी। प्रारंभिक जांच में वसूली के आरोपों की पुष्टि की बाद कार्रवाई की गई।
शहर में नो एंट्री के दौरान भी पुलिसकर्मी रुपये लेकर भारी वाहनों को प्रवेश दे देते हैं। शुक्रवार को शमशाबाद रोड से गुतिला होते हुए रोहता ग्वालियर रोड जा रहे एक कैंटर के चालक को वहां तैनात यातायात पुलिस की टीम ने रोक लिया। वाहन रुकते ही पुलिसकर्मियों के साथ खड़ा एक व्यक्ति कैंटर के पास गया और दरवाजा खोलकर क्लीनर से पैसे लेकर जेब में रख लिए। इसके बाद चालक कैंटर लेकर वहां से चला गया।
इसी दौरान एक व्यक्ति ने पूरे प्रकरण का वीडियो बना लिया और एक्स पर पोस्ट कर पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से शिकायत की। शिकायत में वीडियो के जवाहर पुल का होने की जानकारी दी गई थी। वहां नो एंट्री नहीं है।
डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार ने बताया कि वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मियों की पहचान कराई गई तो मामला गुतिला के पास का मिला। वहां रात में नो एंट्री खोली जाती है। दिन में दोनों ओर बैरियर लगाकर ट्रैफिक पुलिस चेकिंग करती है। वायरल वीडियो को देखने के बाद शुरुआती जांच में मामला वसूली का प्रतीत हो रहा था। इसी आधार पर कार्रवाई की गई है।
हर प्रवेश मार्ग का यही हाल
यातायात पुलिस की वसूली का यह मामला पहला नहीं है। रोहता पर ककुआ के पास, फतेहाबाद रोड, नुनिहाई रोड, पथौली, रुनकता, रामबाग, वाटरवर्क्स चौराहा, सिकंदरा, कारगिल, बिजलीघर समेत शहर के अन्य प्रवेश पाॅइंट पर पुलिसकर्मी दिनभर वाहन चालकों से वसूली करते हैं। पास में मौजूद ठेल वाले, चाय के खोखे वाले और अन्य लोगों को सिर्फ वसूली के लिए रखा जाता है ताकि कोई वीडियो बनाए तो पुलिसकर्मी न फंसें।