मैनपुरी। स्वास्थ्य विभाग ने दो माह तक संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण के लिए अभियान चलाया इसके बाद भी बीमारियों पर लगाम नहीं लग पाई। जिले में बुखार, उल्टी दस्त के साथ डायरिया के मरीज बढ़ने लगे हैं। तीन दिन के अंदर तीन मरीजों की मौत हो गई है जबकि एक सप्ताह में 27 को रेफर किया गया है।
जिला अस्पताल में 50 से 60 मरीज प्रतिदिन बुखार, डायरिया और पेटदर्द से पीड़ित हो इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। शहर के आगरा रोड निवासी 45 वर्षीय शब्बन खान को उल्टी और दस्त की शिकायत पर परिजन ने बुधवार की रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उसकी मौत हो गई। थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव सलेमपुर निवासी सुरेंद्र सिंह की 60 वर्षीय पत्नी विटोला देवी की डायरिया से पीड़ित होने पर सोमवार की रात जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। बेवर को गांव नगला पांडेय निवासी मेघनाथ दिवाकर की पत्नी रन्नो देवी 60 वर्ष की भी मंगलवार की सुबह दूषित भोजन खाने से डायरिया होने पर फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल से तीन मरीजों को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया।
बीमारी के कारण
- बासी और देर से कटे फल का सेवन
- दूषित पानी का सेवन करना
- शौच के बाद हाथ धोने में लापरवाही
- खाने-पीने की वस्तुओं को खुले में रखना
बचाव के उपाय
- रखे हुए भोजन का सेवन कदापि न करें
- खाने-पीने की वस्तुओं को खुला ना रखें
- खाने के बर्तन सही ढंग से साफ कर लें
- खाना-खाने से पहले साबुन से हाथ धोएं
मौसम में नमी के चलते बच्चों और बुजुर्ग डायरिया, पटदर्द और बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। बरसात के मौसम में खान पान पर विशेष ध्यान दिया जाए। खाकर बच्चों को रखा हुआ भोजन बिल्कुल ना दिया जाए।
डॉ. डीके शाक्य, बाल रोग विशेषज्ञ
सभी चिकित्साधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में नजर रखें। लोगों को संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए प्रेरित करें। अस्पताल आने वाले मरीजों को हर संभव उपचार दिया जाए।
डॉ. पीपी सिंह, सीएमओ