आगरा। नकली दवाओं के सिंडिकेट में पुडुचेरी और आगरा के दवा माफिया का गठजोड़ मिल रहा है। पुडुचेरी से ही नामी कंपनियों की नकली दवाएं मंगवाकर बाजार में खपाई जा रही थीं। वहां की तीन फर्म संदिग्ध मिली हैं। इनकी जांच करने के लिए आगरा की औषधि विभाग की टीम भी पुडुचेरी जाएगी। औषधि विभाग की जांच में दो दवाएं भी नकली मिल चुकी हैं।
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडी पाॅइंट, ताज मेडिको और हे मां मेडिकोज ने पुडुचेरी की एके राजा की मीनाक्षी फार्मा से नकली दवाएं मंगाई थीं। इन फर्म की 71 करोड़ रुपये की दवाएं सीज कर चुके हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर पुडुचेरी भी भेजी गई। वहां एक फैक्टरी में छापा मारा था जिसमें 3.50 करोड़ की दवाएं, कच्चा माल, रैपर समेत अन्य सामग्री मिली थी। यहां तीन फर्म के बिल भी मिले थे। ये बंद हो चुकी कंपनी के नाम पर दवाएं बना रहे थे। इसकी जांच करने के लिए आगरा से भी औषधि विभाग की टीम जाएगी।
औषधि विभाग की जांच में अभी तक लखनऊ, बरेली, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर में नकली दवाएं बेची गई हैं। इनमें जांच शुरू हो गई है। लखनऊ के विक्की कुमार की न्यू बाबा फार्मा, सुभाष कुमार की पार्वती ट्रेडर्स है, ये दोनों अभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं। मुजफ्फरनगर में आयुष मेडिकोज के संचालक तरुण गिरधर को 3.50 करोड़ रुपये की नकली दवाओं की बिक्री करने पर पकड़ा जा चुका है। अलीगढ़ में भी निरीक्षण कर दवाओं के नमूने लिए जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में नकली दवाओं के बैच नंबर समेत अन्य जानकारी देकर दवा विक्रेताओं से खरीद-फरोख्त की जानकारी मांगी है। औषधि विभाग की जांच में अभी तक एंटी एलर्जिक और मधुमेह की दवा नकली मिली है। अभी 22 नमूनों की रिपोर्ट आना बाकी है।