मैनपुरी। बारिश होने के साथ ही संक्रामक बीमारी भी बढ़ने लगी हैं। रोजाना निजी और सरकारी अस्पतालों में सैकड़ों मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। समय पर इलाज न मिलने के कारण अब तक कई मरीज दम भी तोड़ चुके हैं।
शुक्रवार को भी जिला अस्पताल में डायरिया, सीने में संक्रमण और सांस की दिक्कत के चलते तीन मरीजों की मौत हो गई। 27 मरीजों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शुक्रवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। 700 से अधिक मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 27 मरीज गंभीर हालत के चलते भर्ती कराए गए। दन्नाहार क्षेत्र के गांव कुचेला निवासी प्रदीप कुमार के सात वर्षीय पुत्र अंजू को डायरिया की दिक्कत होने पर गुरुवार की रात चिंताजनक हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उपचार के दौरान अंजू की मौत हो गई।
बेवर थाना क्षेत्र के गांव धुबिया निवासी नत्थूलाल की 80 वर्षीय पत्नी रामकली को गुरुवार को सीने में संक्रमण की शिकायत हुई। परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां देर रात उनकी भी मौत हो गई। इसी तरह थाना बिछवां क्षेत्र के गांव बलारपुर निवासी 65 वर्षीय बलवीर सिंह को सांस लेने में परेशानी होने पर गुरुवार की रात ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
इमरजेंसी में तैनात ईएमओ का कहना था कि तीनों ही मरीजों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। यदि समय रहते वे अस्पताल आए होते तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
समय से इलाज कराएं
डायरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों का पर्याप्त इलाज है। इसके बावजूद आए दिन मरीजों की मौत हो रही है। जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अभिषेक दुबे का कहना है कि डायरिया का इलाज संभव है। कई मरीजों को परिजन समय से इलाज नहीं दिलाते हैं, ऐसी स्थिति में उनकी मौत संभव है। इसी तरह सीने में संक्रमण हो या फिर बुखार, सांस की दिक्कत समय से इलाज कराने पर मरीज स्वस्थ हो जाता है।
डायरिया के लक्षण
-पेट में दर्द होना।
-बार-बार उल्टी और दस्त होना।
-सिरदर्द होना साथ ही घबराहट होना।
बचाव के उपाय
-बासी भोजन का सेवन न करें।
-कटे हुए फलों का सेवन न करें।
-हरी सब्जियां और फल खाएं।
-साफ-स्वच्छ पानी ही पिएं।
-समय से विशेषज्ञ चिकित्सक से उपचार लें।