कुछ देर बाद ही सुंदर सिंह के चचेरे भाई भंवर सिंह (52) पुत्र रामजीलाल का शव खेत पर मिला। भंवर सिंह के भी सीने में गोली मारी गई थी। पूर्व प्रधान सत्यप्रकाश उर्फ सत्तन (68) का शव भी खेत पर पड़ा मिला।
पूर्व प्रधान को भी एक गोली मारी गई थी। गांव में हुए इस तिहरे हत्याकांड की जानकारी पाकर आईजी राजा श्रीवास्तव और एसएसपी प्रभाकर चौधरी गांव पहुंच गए। परिवार वालों से भी जानकारी की गई लेकिन हत्या की वजह सामने नहीं आई।
पुलिस का मानना है कि तीनों की हत्या में एक ही व्यक्ति शामिल है। तीनों की हत्या रात को बारह बजे से दो बजे के बीच हुई है। इस वारदात से मृतकों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि तिहरे हत्याकांड में प्रथमदृष्टया जमीन की रंजिश लग रही है। तीनों को गोली मारते हुए किसी ने आवाज नहीं सुनी, यह अटपटा लग रहा है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।