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Agra: भ्रष्टाचार में तीन सिपाही निलंबित...हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत के बाद कार्रवाई, नाै के खिलाफ जांच शुरू

Fri, 07 Nov 2025 12:24 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आरोप है कि पुलिसकर्मी ने गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई का डर दिखाया। इसके बाद रुपयों की मांग की। शिकायतकर्ता ने रुपयों की मांग करते हुए बातचीत की रिकाॅर्डिंग की और अधिकारियों के समक्ष पेश कर दी। इस पर निलंबित किया गया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कमिश्नरेट में पुलिसकर्मी केवल विवेचना के निस्तारण में ही नहीं बल्कि रिश्वत लेकर आरोपियों तक को छोड़ रहे हैं। पुलिस आयुक्त के भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन नंबर पर आई शिकायत के बाद 3 सिपाहियों काैशल, विश्वनाथ और प्रतीक कुमार को निलंबित कर दिया गया। वहीं दूसरे मामलों में 9 के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
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डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि आरक्षी काैशल और विश्वनाथ एसीपी कोतवाली के कार्यालय में तैनात हैं। उनको एक जूता व्यापारी के मामले की जांच मिली थी। उन्हें बयान दर्ज करने थे। इसके बाद रिपोर्ट एसीपी के समक्ष जानी थी। उन्होंने शिकायतकर्ता से संपर्क किया। उससे मिलने पहुंच गए। आरोप है कि वह जांच उसके पक्ष में करने के लिए रुपये मांग रहे थे। मगर शिकायतकर्ता ने रुपये नहीं दिए। इस पर व्यापारी से चार जोड़ी जूते ही ले आए।

व्यापारी ने साक्ष्य के साथ शिकायत की। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर दोनों को निलंबित कर दिया गया। इसी तरह सिपाही प्रतीक कुमार एसीपी लोहामंडी के कार्यालय में तैनात है। उन्होंने एक के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई का डर दिखाया। इसके बाद रुपयों की मांग की। शिकायतकर्ता ने रुपयों की मांग करते हुए बातचीत की रिकाॅर्डिंग की और अधिकारियों के समक्ष पेश कर दी। इस पर उसे निलंबित किया गया।
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हर दिन 100 से अधिक शिकायतें
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि हर दिन 100 काॅल भ्रष्टाचार विरोध नंबर 7839860813 पर आ रही हैं। इनमें पुलिस के भ्रष्टाचार के साथ ही बड़ी संख्या में अन्य विभागों की हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह पुलिसकर्मियों से संबंधित शिकायत ही करें। इसके अलावा शिकायत संबंधित विभाग में ही की जाएं, जिससे उनका निस्तारण अधिकारी कर सकें। शिकायतों में काॅल रिकार्डिंग, सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, फोटो, स्क्रीनशाॅट सहित अन्य साक्ष्य दे सकते हैं। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

इनकी भी शिकायत प्राप्त हुईं, जांच के आदेश
नौ पुलिसकर्मी जांच के घेरे में भी हैं। इनमें 4 दरोगा और 5 सिपाही शामिल हैं। आरोप है कि थाना किरावली में नियुक्त एसआई धर्मवीर ने आरोपी की मदद के नाम पर रुपयों की मांग की। थाना एत्मादपुर में नियुक्त एसआई अंकित चाैहान और एसआई दीपिका ने विवेचना के निस्तारण में रुपयों की मांग की गई। 

वहीं छलेसर चाैकी के एसआई कपिल कुमार, दो सिपाही गुरु चंदेल और देवेश कुमार ने रुपये लेकर जुआरियों को छोड़ दिया। वहीं एसीपी अछनेरा व एत्मादपुर की कोर्ट में नियुक्त आरक्षी सतेंद्र चााैधरी और आरक्षी अरविंद कुमार ने जमानत के लिए रुपयों की मांग की। इस पर पीड़ित ने शिकायत की। इसी तरह थाना सिकंदरा में नियुक्त आरक्षी अभिषेक ने पासपोर्ट सत्यापन के एवज में रुपयों की मांग की। इन सभी के खिलाफ जांच के आदेश किए गए हैं।
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