साल्वर गैंग: एसटीएफ ने गिरफ्तार किए तीन आरोपी
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आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र से एसटीएफ ने बुधवार को पुलिस विभाग में वर्ष 2018-19 में हुई भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने वाले सॉल्वर गैंग के सरगना सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस केस में तीन सिपाही सहित छह और आरोपी है। सिपाहियों ने सॉल्वर गैंग की मदद से परीक्षा पास की थी। इसके बाद भर्ती हो गए थे। एसटीएफ का कहना है कि सिपाही ड्यूटी कर रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए शासन से अनुमति ली जाएगी।
बुधवार को पुलिस ने एत्माद्दौला क्षेत्र स्थित अग्रवाल ट्रेडिंग के पास से एसटीएफ ने अलीगढ़ के थाना गोंडा स्थित गांव माती निवासी अभिषेक कुमार, रामप्रकाश शर्मा और अलीगढ़ के ही गांव बसई निवासी पंकज कुमार को गिरफ्तार किया था।
एसटीएफ निरीक्षक हुकुम सिंह के मुताबिक, अभिषेक सॉल्वर गैंग का सरगना है। उसने अपने साथी प्रिंस को पुलिस भर्ती परीक्षा में सॉल्वर के रूप में लाया था। उसने अलीगढ़ के गोंडा निवासी जितेंद्र, रजत और अमित की परीक्षा दी थी। रजत और अमित कुमार सिपाही बन गए। अमित मुजफ्फर नगर और रजत फतेहपुर में तैनात हैं।
रामप्रकाश, पंकज और रवि कुमार की जगह अभिषेक ने परीक्षा दी थी। तीनों लिखित परीक्षा में पास हो गए। दौड़ के समय रामप्रकाश और पंकज का बायोमेट्रिक मिलान नहीं हो सका। रवि की भर्ती हो गई। वह इटावा में तैनात है।
रजत, अमित और रवि ने सॉल्वर की मदद से परीक्षा पास की। शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान भी तीनों का बायोमेट्रिक मिलान हुआ होगा। मगर, वह पकड़े नहीं गए। इससे आशंका है कि बायोमेट्रिक मिलान में भी गड़बड़ी की गई। जांच की जा रही है कि वह बायोमेट्रिकमिलान मेें पकड़े क्यों नहीं गए। इसके लिए भर्ती बोर्ड से मिलान करने वाले कर्मचारियों का डाटा निकलवाया गया है। किसी और तरीके से भी फर्जीवाड़ा किया जा सकता है।
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