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राजकीय बालगृह: राष्ट्रीय बाल आयोग पहुंचा तीन शिशुओं की मौत का मामला, जांच की मांग

Sun, 01 Nov 2020 03:44 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • 24 और 25 अक्तूबर को राजकीय बालगृह के तीन शिशुओं ने दम तोड़ दिया था। बालगृह प्रबंधन ने सप्ताहभर तक मामले को दबाए रखा। 
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राजकीय बाल गृह (शिशु) आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के राजकीय बालगृह (शिशु) में दो दिन में तीन नवजातों की मौत का मामला रविवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग पहुंच गया है। महफूज सुरक्षित बचपन संस्था के समन्ययक एवं आरटीआई कार्यकर्ता नरेश पारस ने आयोग और जिलाधिकारी आगरा को पत्र भेज पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराने की मांग की है। 

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पत्र में लिखा है कि मामला बेहद गंभीर है। बच्चों की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाए और दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। सर्दी शुरू हो चुकी हैं। इस दौरान बच्चों की देखभाल की विशेष आवश्यकता होती है। शिशुओं की स्वास्थ्य संबंधी बेहतर इंतजाम किए जाएं जिससे इस तरह की घटना पुनरावृत्ति न हो सके।


बता दें कि 24 और 25 अक्तूबर को राजकीय बालगृह के तीन शिशुओं ने दम तोड़ दिया था। बालगृह प्रबंधन सप्ताहभर तक मामले को दबाए रहा। इसका खुलासा 27 अक्तूबर को निदेशक बाल कल्याण को भेजी गई रिपोर्ट में हुआ। बालगृह अधीक्षक ने ठंड से बच्चों की मौत होना बताया है।  

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ठंड से बिगड़ी तबीयत- अधीक्षक

राजकीय बाल गृह (शिशु) के अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि तीनों बच्चे प्री मैच्योर थे, अचानक मौसम बदला तो ठंड से उनकी तबीयत खराब हो गई। उस दिन मैं मौजूद नहीं था, इसलिए दूसरे कर्मचारी ने निरीक्षण समिति को लेक्टोजन पाउडर व खरीद रजिस्टर नहीं दिखाया।

अमर उजाला पड़ताल में सामने आई हकीकत 

राजकीय बाल गृह (शिशु) में शनिवार को अमर उजाला टीम ने पड़ताल की तो हैरान करने वाली हकीकत सामने आई। बालगृह में 44 बच्चों की देखरेख के लिए तीन शिफ्ट में छह आया संविदा पर काम करती हैं। 

यानी एक शिफ्ट में दो आया 44 बच्चों को संभालती हैं। इन 44 बच्चों में 12 बच्चे 0 से 5 साल उम्र के हैं। इनमें 5 लड़कियां हैं और 7 लड़के हैं। 5 से 10 साल उम्र के यहां 32 बच्चे हैं। 4 कमरों में चल रहे शिशु गृह में सिंगल बेड पर दो से तीन बच्चे रहते हैं। 

शिशु गृह में तीन बच्चे अभी बीमार हैं। इनका संस्था में ही उपचार चल रहा है। यहां सप्ताह में एक दिन चिकित्सक देखने आते हैं। चिकित्सक का रोस्टर के अनुसार स्वास्थ्य परीक्षण दिवस निर्धारित है। शिशु गृह में कुल 12 कर्मचारी हैं। 
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