मथुरा के आरएस बुलियन और आगरा के अजय अवागढ़ के छापे के दौरान सीज किए गए लॉकरों को खोला जा चुका है। इन लॉकरों में काफी सोना और जेवर मिले हैं, जिनका ब्योरा न मिलने पर इसे सीज कर दिया गया है। अभी बुलियन कारोबारी सुशीला चौहान के लॉकर खुलने बाकी है। सुशीला के कई प्रतिष्ठानों पर अभी भी पीओ (प्रोहिबटरी आर्डर) लगा हुआ है। आयकर विभाग ने जांच के दौरान कागजात ज्यादा होने से 24 जगहों पर पीओ लगाया था, जिनमें से हर दिन एक पीओ हटाया जा रहा है।
सुशीला से जुड़े 40 सराफ निशाने पर
अजय अवागढ़ और आरएस बुलियन के लॉकर और प्रतिष्ठान के पीओ खुल चुकेहैं, लेकिन इससे पहले सुशीला चौहान से जुड़े 40 सराफ ऐसे हैं जो अब आयकर विभाग के निशाने पर हैं। आयकर छापे के दौरान भी सबसे ज्यादा लिंक सर्वे सुशीला के लेन-देन वालों पर ही हुए। एक महीने तक दस्तावेजों की जांच के बाद जांच अधिकारियों को कई सराफों के लेन-देन संदिग्ध मिले हैं। आयकर के निशाने पर आए इन सराफों पर इसी महीने बड़ी कार्रवाई हो सकती है। इनमें से कई का नाम सुशीला के खास रहे लोगों ने ही कबूला था।
मिल रहीं बेनामी संपत्तियां
बैंक लॉकरों में और पीओ खुलने के बाद कई दस्तावेज मिले हैं, जिनमें बुलियन कारोबारियों की बेनामी संपत्तियां मिल रही है। पॉश इलाकों में बेनामी संपत्तियों को 2004 से 2015 के बीच खरीदा गया है। सुशीला चौहान के पास रियल इस्टेट में निवेश और जमीनों के कागजात मिले हैं।